पटना: बिहार में 16 मार्च को होने वाली राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से पहले सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। एक ओर महागठबंधन अपने उम्मीदवार के समर्थन में ताकत जुटाने में लगा है, तो दूसरी ओर एनडीए नेता विपक्ष और आरजेडी पर तीखे हमले कर रहे हैं। इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने AIMIM से समर्थन मिलने का दावा किया है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि AIMIM की ओर से आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में वे शामिल हुए थे और उसी दौरान पार्टी से समर्थन की अपील भी की गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि समाजवादी विचारधारा से जुड़े दल महागठबंधन का साथ देंगे। तेजस्वी के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में हलचल और तेज हो गई है।इधर, AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने भी साफ संकेत दिया कि उनकी पार्टी के सभी विधायक महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह के पक्ष में वोट करेंगे। उनके इस बयान को महागठबंधन के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि राज्यसभा चुनाव में हर वोट की अहमियत बढ़ गई है।
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दूसरी तरफ, बीजेपी नेता और नीतीश कैबिनेट में सहकारिता मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के पास पर्याप्त वोट नहीं हैं और हार से बचने के लिए नेता प्रतिपक्ष बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं। प्रमोद चंद्रवंशी ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को बड़बोलापन अपने पिता लालू प्रसाद यादव से विरासत में मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर तेजस्वी के पास वास्तविक राजनीतिक ताकत होती, तो वे राज्यसभा के लिए अपने परिवार के किसी सदस्य को मैदान में उतारते, न कि किसी दूसरे उम्मीदवार को।
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मंत्री ने याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव से पहले भी तेजस्वी यादव ने शपथ ग्रहण की तारीख तक घोषित कर दी थी, लेकिन बाद में वह दावा पूरी तरह फेल हो गया। उन्होंने कहा कि इस बार भी तेजस्वी के दावे का वही हश्र होने वाला है।