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AIMIM की इफ्तार में तेजस्वी-अख्तरुल की मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचल, क्या बदलेगा राज्यसभा चुनाव का गणित?

गया में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की इफ्तार पार्टी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मौजूदगी ने नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा को हवा दे दी है।

Tejashwi at AIMIM's Iftar
AIMIM की इफ्तार में तेजस्वी-अख्तरुल की मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचल, क्या बदलेगा राज्यसभा चुनाव का गण- फोटो : Darsh NEWS

बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच गया में आयोजित एआईएमआईएम की दावत-ए-इफ्तार ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की ओर से रविवार शाम 6 बजे इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया, जिसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को खासा राजनीतिक रंग दे दिया।

कार्यक्रम से पहले ही लगाए गए पोस्टरों में तेजस्वी यादव की तस्वीर शामिल किए जाने को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया था। शाम को जब तेजस्वी यादव स्वयं इफ्तार पार्टी में पहुंचे तो इन अटकलों को और बल मिला। दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद राज्य की राजनीति में संभावित समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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दरअसल, कुछ दिनों पहले ही अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी। उस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि बातचीत सकारात्मक रही है और सकारात्मक बातचीत का सकारात्मक परिणाम भी निकलना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि महागठबंधन को समर्थन देने को लेकर अंतिम फैसला एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ही करेंगे।

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इधर राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन खेमे में भी हलचल तेज है। जानकारी के मुताबिक राजद के विधायक पटना के होटल पनाश में ठहराए गए हैं और महागठबंधन के कई नेता वहीं जुट रहे हैं। बताया जा रहा है कि राज्यसभा की पांचवीं सीट को लेकर बन रहे समीकरणों के कारण विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति अपनाई जा रही है। वहीं दूसरी ओर जदयू ने इस मुद्दे को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जदयू का कहना है कि विधायकों को होटल में रोककर रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे में इफ्तार की सियासत और राज्यसभा चुनाव की रणनीति ने बिहार की राजनीति को और गरमा दिया है।


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