महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पूरे बिहार में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने जलाभिषेक कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। सुपौल जिले के धरहरा स्थित प्रसिद्ध बाबा भीमशंकर महादेव स्थान में महाशिवरात्रि के मौके पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने श्रद्धा के साथ बाबा के दर्शन किए। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
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हाजीपुर में महाशिवरात्रि पर निकलने वाली पारंपरिक भव्य शिव बारात आकर्षण का केंद्र रही। इस ऐतिहासिक शिवबारात की अगुवाई स्थानीय नेता एवं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने की। वे देहाती वेशभूषा में बैलगाड़ी पर शिव-पार्वती की पालकी हांकते नजर आए। करीब तीन दशक से वे इस परंपरा से जुड़े हुए हैं। शिवबारात में सैकड़ों झांकियां, ढोल-नगाड़े, घोड़े, हाथी और भूत-प्रेत स्वरूपों की झलक देखने को मिली। लाखों श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक दृश्य का साक्षी बनकर आनंद लिया।
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मुजफ्फरपुर के औराई स्थित प्रसिद्ध बाबा भैरवनाथ मंदिर में भी भक्तों का जनसैलाब उमड़ा। सुबह करीब चार बजे से ही लंबी कतारें लग गई थीं। प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग, पुलिस बल और सीसीटीवी निगरानी के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। वहीं सासाराम के प्रसिद्ध तिलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में आधी रात के बाद से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मान्यता है कि यहां का शिवलिंग प्रतिवर्ष तिल-तिल बढ़ता है और जलाभिषेक से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।