पटना: बिहार में कनकनी और शीत लहर का असर और तेज हो गया है। आपको बता दे, की अगले एक सप्ताह तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हिमालय से आ रही बर्फीली हवाओं और पछुआ प्रवाह के चलते प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। हालात ऐसे हैं कि सुबह और शाम घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को राज्य के 32 जिलों में कोल्ड-डे और घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार पटना, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत 32 जिलों में सुबह-शाम घना कोहरा छाया रहेगा। कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर 10 मीटर तक रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। विभाग ने साफ किया है कि शुक्रवार को छपरा में इस साल की पहली शीतलहर दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं भागलपुर के सबौर में पारा 5 डिग्री तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। पटना में भी शुक्रवार को कोल्ड-डे की स्थिति बनी रही। राजधानी में न्यूनतम तापमान 9.5 और अधिकतम 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिंद महासागर में बने चक्रवात, ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय जेट स्ट्रीम और हिमालय क्षेत्र में हो रही बर्फबारी का सीधा असर बिहार के मौसम पर पड़ रहा है। इन्हीं कारणों से तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। अगले तीन दिनों तक कई जिलों में कोल्ड-डे की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि अगले पांच से दस दिनों तक घना कुहासा छाए रहने की संभावना है।
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ठंड को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। पटना, नालंदा, वैशाली समेत 10 जिलों में 8वीं कक्षा तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। कुछ जिलों में यह आदेश 11 से 13 जनवरी तक लागू रहेगा। पिछले 24 घंटों में राज्य के 16 जिलों का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।