बिहार रेजीमेंट केंद्र के ऐतिहासिक कलिंग ग्राउंड में भारतीय सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर “शौर्य संवाद” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिजनों को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और पूर्व सैनिक शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान थे। उनके साथ बिहार के डीजीपी विनय कुमार, डीजी स्पेशल ब्रांच एवं एसटीएफ कुंदन कृष्णन सहित सेना और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मंच पर मौजूद रहे। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने वीरांगनाओं को चेक प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही, देश की सेवा के दौरान घायल होकर चलने में असमर्थ पूर्व सैनिकों को थ्री-व्हीलर बाइक दी गई, जिससे उनके दैनिक जीवन में सुविधा मिल सके। इस मानवीय पहल को उपस्थित लोगों ने सराहा।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश की स्वतंत्रता और सुरक्षा इन्हीं वीर सैनिकों के बलिदान की देन है। उन्होंने कहा, “अगर आज हम आज़ाद भारत में सुरक्षित जीवन जी रहे हैं और रात में चैन की नींद सो पाते हैं, तो उसके पीछे हमारे सैनिकों का त्याग और समर्पण है। देश की आज़ादी को सुरक्षित रखने के लिए इन वीर जवानों का सम्मान करना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
राज्यपाल ने यह भी कहा कि पूर्व सैनिक दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे समाज के हर स्तर पर मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर मोहल्ले और गांव में पूर्व सैनिक और वीरांगनाएं रहती हैं, जिनका सम्मान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान ‘शौर्य संवाद’ के माध्यम से देश सेवा, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करने का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, उनके परिजन और स्थानीय लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
दानापुर से पशुपतिनाथ शर्मा की रिपोर्ट।