Join Us On WhatsApp

देश के बजट के बाद अब बिहार के बजट सत्र से खुलेगा NDA सरकार का रोडमैप

बिहार की नई NDA सरकार का पहला बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। 27 फरवरी तक चलने वाले इस सत्र में सरकार आर्थिक सर्वेक्षण और बजट के जरिए अपने विकास एजेंडे और भविष्य के रोडमैप को सामने रखेगी, जबकि विपक्ष सत्र के दौरान सरकार को घेरने की तैयारी में है।

The budget session of Bihar will reveal the roadmap of the N
देश के बजट के बाद बिहार के बजट सत्र से खुलेगा NDA सरकार का रोडमैप- फोटो : Darsh NEWS

बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम है। नई NDA सरकार का पहला बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू हो गया है, जो 27 फरवरी तक चलेगा। कुल 19 बैठकों वाले इस सत्र पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यहीं से सरकार अपने कामकाज और प्राथमिकताओं का साफ संदेश देगी। सत्र की शुरुआत राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र को संबोधन से हुई, वहीं पहले ही दिन आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जाएगा, जो सरकार की आर्थिक स्थिति और दिशा की झलक देगा। हालांकि सत्र शुरू होने से पहले ही माहौल गरम दिखा। नीट छात्रा रेप-मौत मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस विधायकों ने हाथों में पोस्टर लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया, जिससे साफ है कि विपक्ष इस सत्र में सरकार को कठघरे में खड़ा करने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा।

यह भी पढ़ें: फ्लैट नहीं बेचा तो शुरू हुआ उत्पात, यमुना अपार्टमेंट में हंगामे से दहशत

इस बजट सत्र का सबसे अहम दिन 3 फरवरी होगा, जब वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। माना जा रहा है कि इस बजट में NDA सरकार अपना भविष्य का रोडमैप सामने रखेगी। खास तौर पर ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए दो-दो लाख रुपये देने का प्रस्ताव है। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।सदन में विपक्ष की भूमिका भी इस बार खास रहने वाली है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, जो शीतकालीन सत्र में लगभग नदारद रहे थे, इस बार पूरे सत्र में सक्रिय रह सकते हैं। उन्होंने पहले 100 दिन तक सरकार के कामकाज पर टिप्पणी न करने की बात कही थी, लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे किस रणनीति के साथ सरकार को घेरते हैं।

यह भी पढ़ें: केंद्रीय बजट पर CM नीतीश ने दी अपनी प्रतिक्रिया, PM मोदी और वित्त मंत्री को...

साथ ही विपक्ष की एकजुटता भी परीक्षा के दौर से गुजरेगी। कांग्रेस और राजद के रिश्तों में आई दूरी, AIMIM का अलग होना और सीमित संख्या में विपक्षी विधायकों की मौजूदगी—ये सभी बातें सदन की राजनीति को रोचक बना देंगी। कुल मिलाकर, यह बजट सत्र सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं का नहीं, बल्कि सरकार की नीयत, विपक्ष की ताकत और बिहार की दिशा तय करने वाला सत्र साबित होगा। जनता को उम्मीद है कि बहस से ज्यादा विकास और समाधान पर जोर दिया जाएगा, क्योंकि बिहार अब वादों से आगे, काम देखना चाहता है।


Scan and join

darsh news whats app qr
Join Us On WhatsApp