मोकामा से विधायक चुने गए बाहुबली नेता अनंत सिंह ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ ले ली। पटना सिविल कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ही उनका शपथ ग्रहण संभव हो सका। हालांकि, शपथ लेने के तुरंत बाद उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया जाएगा। दुलारचंद यादव हत्याकांड में फिलहाल उन्हें जमानत नहीं मिली है।
कोर्ट के आदेश के मुताबिक अनंत सिंह को केवल शपथ ग्रहण के लिए ही जेल से बाहर लाया गया। मंगलवार सुबह उन्हें पटना के आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कस्टडी में निकाला गया। भारी पुलिस बल, एस्कॉर्ट वाहन, क्विक रिस्पॉन्स टीम और विशेष सुरक्षा दस्तों के साथ उन्हें बिहार विधानसभा के बजट सत्र में लाया गया, जहां उन्होंने विधायक पद की शपथ ली।

सूत्रों के अनुसार कोर्ट ने साफ निर्देश दिया था कि अनंत सिंह शपथ के अलावा किसी अन्य गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। वे न तो किसी विधायक से मुलाकात कर पाए और न ही समर्थकों से। शपथ की प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें सीधे वापस बेऊर जेल ले जाया जाएगा। अनंत सिंह की मौजूदगी को देखते हुए विधानसभा परिसर के अंदर और बाहर हाई अलर्ट रहा। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और प्रवेश द्वारों पर सख्त जांच की व्यवस्था की गई थी। समर्थकों की भीड़ या किसी भी तरह के जमावड़े पर पूरी तरह रोक रही। अनंत सिंह पिछले करीब तीन महीनों से बेऊर जेल में बंद हैं। सिविल कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, लेकिन जिस पीठ में सुनवाई तय थी, वहां के जज ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया। अब दूसरे कोर्ट में लिस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है।
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बिहार विधानसभा में अब तक 242 विधायक शपथ ले चुके हैं। अनंत सिंह अकेले ऐसे विधायक थे, जिन्होंने जेल में होने के कारण अब तक शपथ नहीं ली थी। संविधान के अनुच्छेद 188 के अनुसार शपथ लेना जरूरी होता है, बिना शपथ विधायक को न तो अधिकार मिलते हैं और न ही भत्ता। अनंत सिंह ने मोकामा सीट से 28,206 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उन्हें 91,416 वोट मिले थे, जबकि राजद की वीणा देवी 63,210 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहीं। जीत के बाद उनके पुराने बंगले में करीब 50 हजार लोगों के भोज का आयोजन भी काफी चर्चा में रहा।
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यह पहला मौका नहीं है जब अनंत सिंह ने जेल से शपथ ली हो। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में भी वे जेल में रहते हुए विधायक बने थे और कोर्ट की अनुमति से शपथ ग्रहण की थी। इस बार भी इतिहास खुद को दोहराता नजर आया। गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र में दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। इस मामले में अनंत सिंह पर आरोप लगे और 1 नवंबर को उनकी गिरफ्तारी हुई। अब तक इस हत्याकांड में चार FIR दर्ज की जा चुकी हैं और मामला अभी अदालत में लंबित है।