Join Us On WhatsApp

आपराधिक घटना का जिक्र करते हुए सदन में रो पड़े MLA, बाहर भी मीडिया से बात करते हुए...

शुक्रवार को विधानसभा का बजट सत्र में गृह विभाग का बजट पेश किया गया. इस दौरान अपनी बात रखते हुए IIP पार्टी के विधायक IP गुप्ता एक आपराधिक घटना का जिक्र करते हुए भावुक हो गए और गृह मंत्री सम्राट चौधरी से गुहार लगाने लगे...

bhavuk hue MLA
आपराधिक घटना का जिक्र करते हुए सदन में रो पड़े MLA, बाहर भी मीडिया से बात करते हुए...- फोटो : Darsh NEWS

पटना: बिहार विधान सभा के बजट सत्र में शुक्रवार को गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने विभाग का बजट सदन में पेश किया। इस दौरान चर्चा के दौरान सभी सदस्यों ने अपनी अपनी बातें रखी। इस दौरान कुछ विधायकों ने राज्य की पुलिस पर सवाल उठाये तो कुछ ने सराहना भी की और इसी दौरान एक सदस्य अपनी बात रखते हुए रोने लगे। दरअसल विधायक अपने क्षेत्र में घटी एक घटना का जिक्र कर गृह मंत्री से कार्रवाई की गुहार लगा रहे थे और इसी दौरान वह रोने लगे।

सदन में रोने वाले यह सदस्य हैं सहरसा के विधायक आईपी गुप्ता। गृह विभाग के बजट पर अपनी बात रखने के लिए जब वह खड़ा हुए तो उन्होंने कहा कि आज इस मौका का मैं महीनो से इंतजार कर रहा था। सामने गृह मंत्री बैठे हैं और मैं मेरे क्षेत्र में एक ऐसी घटना घटी है उसकी मैं चर्चा करूंगा। विधायक आईपी गुप्ता ने कहा कि एक बच्ची को कुछ बदमाश 3 मई को उठा कर मक्के की खेत में ले गए और उसके हैवानियत की। अगले दिन उसे शाम में मोटरसाइकिल से उसे वापस घर पहुँचाने के लिए आया जिसे स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। मामले में पुलिस ने 7 मई को यूडी केस दर्ज किया। उसके बाद उसकी हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दे दिया गया। आज तक उसे इस मामले में न्याय नहीं मिली।

यह भी पढ़ें     -    महिला अपराध पर RJD ने किया सवाल तो सरकार ने दे दिया जवाब, कहा सभी घटनाओं में...

विधायक आईपी गुप्ता ने कहा कि उस लड़की गलती सिर्फ ये है कि वह ततवा की बेटी है, उसके मां बाप गरीब अनपढ़ हैं। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में, डीजीपी और एसपी समेत पता नहीं कहाँ कहाँ चिट्ठी लिखी लेकिन उसे न्याय नहीं मिली। आज मुझे लगता है कि मैंने ततवा समाज में जन्म लेकर गलती कर दी। गृह मंत्री जी उस बच्ची को इंसाफ दिलवाइए, उसके परिजन मेरे घर पर आ कर रो रही थी।

इसके बाद सदन से बाहर आने के बाद विधायक आईपी गुप्ता मीडिया से बात करते हुए फिर से भावुक हो उठे और कहा कि मैंने सारी बातें कह दी है। यह सिर्फ एक बच्ची का मामला नहीं बल्कि पता नहीं कितने मामले होते होंगे जिसमें पुलिस आरोपियों के साथ मिल कर दबा देते होंगे। लोग कहते हैं कि पुलिस जाति देख कर कार्रवाई नहीं करती है अभी जनवरी महीने में जमुई में भी ऐसी घटना सामने आई है। वहां दो पक्षों के बीच किसी बात पर विवाद हुई जिसके बाद उन्होंने आपस में समझौता कर लिया बावजूद इसके पुलिस जबरदस्ती तांती समाज के घरों में घुस कर बच्चियों के साथ मारपीट की और लोगों को उठा कर बंद कर दिया।

आईपी गुप्ता ने कहा कि मैंने सार्वजनिक रूप से सदन में बेटी का नाम नहीं लिया लेकिन गृह मंत्री को लिख कर दिया हूँ। राज्य में हमारे समाज के साथ अन्याय हो रहा है और हमें न्याय नहीं मिल रहा। ये लोग कहाँ जायेंगे, FIR में क्या लिखेंगे उन्हें यह भी नहीं पता है। हमने गृह मंत्री से गुहार लगाई है कि न्याय दिलाई जाये। यह बात सिर्फ एक बच्ची की नहीं है बल्कि ऐसी कितनी बच्चियां होंगी जिसे पुलिस न्याय नहीं दिलवाती है।

यह भी पढ़ें     -    AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घुस कर किया प्रदर्शन, 4 हिरासत में दो बिहार के...

Scan and join

darsh news whats app qr
Join Us On WhatsApp