बिहार विधानमंडल का बजट सत्र एक बार फिर हंगामेदार होने जा रहा है। शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। कानून-व्यवस्था, नीट छात्रा की मौत और मसौढ़ी की मैट्रिक छात्रा के आत्महत्या मामले को लेकर सियासी तापमान बढ़ा हुआ है।

मसौढ़ी की एक छात्रा को कथित तौर पर परीक्षा केंद्र पर कुछ मिनट देरी से पहुंचने के कारण मैट्रिक परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद छात्रा ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi ने इस मामले पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पांच मिनट की देरी के कारण किसी छात्र को परीक्षा से वंचित करना गलत है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की और कहा कि छात्रा को परीक्षा देने का मौका मिलना चाहिए था। विधान परिषद परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को सदन में बोलने नहीं देती। साथ ही शराबबंदी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब सीमाओं पर प्रशासन तैनात है तो राज्य में शराब कैसे पहुंच रही है। 

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वहीं नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने भी ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में संवेदनशीलता की कमी गंभीर चिंता का विषय है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरी तरफ,  शिक्षा मंत्री Sunil Kumar ने कहा कि सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि घटना की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर नियमों में नरमी पर भी विचार होगा।

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बजट सत्र के दौरान इन मुद्दों पर तीखी बहस की संभावना है। विपक्ष जहां सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं सरकार अपने फैसलों का बचाव कर रही है। अब देखना होगा कि सदन में इस मामले पर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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