पटना: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आजाद भारत के इतिहास में पहली बार रविवार को देश का बजट पेश किया। बजट में उन्होंने देश के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर खासा जोर दिया साथ ही महिला, किसान और युवा को भी ध्यान में रखते हुए कई घोषणाएं की। हालांकि इस बजट में बिहार के लिए अलग से कोई घोषणा नहीं की गई लेकिन इस बजट में एक घोषणा उन्होंने पटना के लिए जरुर की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान पटना का नाम लेते हुए कहा कि पटना में जहाजों का मरम्मत केंद्र खोला जायेगा जबकि वाराणसी पटना फ्रेट कॉरिडोर और वाराणसी सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की भी घोषणा की।
विकसित भारत की नींव
वित्त मंत्री ने बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है साथ ही पेश बजट पर बिहार में मिली जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। केंद्रीय बजट को लेकर गृह मंत्री सह उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकसित भारत 2047 की नींव बताया तो दूसरी तरफ बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने आत्मनिर्भरता, विकास और समावेशी प्रगति का स्पष्ट रोडमैप बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि यह बजट विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देता हुआ एक बजट नए अवसरों और स्थायी विकास की नींव रखता है।
यह भी पढ़ें - वित्त मंत्री ने विकसित भारत 2047 की रखी है नींव, गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री का भी जताया आभार
बिहार के लिए कुछ खास नहीं, होना चाहिए एक टेक्सटाइल पार्क
बिहार के उद्योगपतियों ने भी इस बजट पर मिली जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ उद्योगपतियों ने इसे ठीकठाक करार दिया है तो दूसरी तरफ बिहार के लिए खास नहीं होने की बात कही है। कुछ उद्योगपतियों ने कहा कि देश के विकास के लिए यह बजट तो ठीक है लेकिन बिहार के लिए कुछ खास नहीं है। बिहार को अलग से कुछ बूस्टर डोज मिलना चाहिए ताकि यहां के लोगों की आमदनी बढ़ सके। जब तक बिहार की प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी नहीं होगी, तेजी से विकास संभव नहीं है। इसके साथ ही उद्यमियों ने कहा कि वित्त मंत्री ने टेक्सटाइल पार्क की घोषणा बजट में की है इसमें से कम से कम एक टेक्सटाइल पार्क बिहार में जरुर होना चाहिए।
संभावनाओं का द्वार खुला है
बिहार के उद्यमियों ने बजट को विकासोन्मुखी बताया लेकिन इसमें कई कमी होने की भी बात कही। इस मामले में BIA के अध्यक्ष रामलाल खेतान जी ने कहा कि ओवरआल यह बजट देश को ध्यान में रख कर बनाया गया है। बिहार के लिए कुछ अलग नहीं हुआ है, लेकिन संभावनाओं का द्वार खुला हुआ है। बिहार की इंडस्ट्री सेक्टर को कुछ अलग नहीं मिला है।
यह भी पढ़ें - किसानों और युवाओं के लिए केंद्रीय बजट में बड़ी बातें, इनकम टैक्स स्लैब में भी...