बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र और विधानसभा अध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मामला पटना जिले के दानापुर और मनेर इलाके में कथित तौर पर पानी में आर्सेनिक की मौजूदगी से जुड़ा था। भाई वीरेंद्र ने सदन में कहा कि उनके क्षेत्र में लोगों को दूषित पानी मिल रहा है, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इलाके में तुरंत शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए और पानी की दोबारा जांच कराई जाए।
इस पर पीएचईडी मंत्री ने सदन को बताया कि 9 फरवरी को पानी के सैंपल की जांच कराई गई थी, जिसमें आर्सेनिक की मात्रा तय मानक से अधिक नहीं पाई गई। मंत्री ने कहा कि सरकार लगातार पानी की गुणवत्ता की निगरानी कर रही है और जहां भी जरूरत होती है, वहां सुधार के कदम उठाए जाते हैं। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाई वीरेंद्र ने कहा कि उन्हें दी गई जानकारी सही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वे खुद उस इलाके में रहते हैं और जमीनी हालात कुछ और ही हैं। इसी बात पर सदन में बहस तेज हो गई।
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हालात को शांत करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने हल्के अंदाज में टिप्पणी की, जिस पर कुछ देर के लिए सदन में हंसी-मजाक का माहौल बन गया। हालांकि भाई वीरेंद्र ने दोबारा अपनी बात दोहराते हुए कहा कि यदि सरकार सच में जनता की चिंता करती है तो पानी की नई जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई हो। इधर, बजट सत्र के दौरान विपक्ष महिला सुरक्षा समेत कई मुद्दों को लेकर लगातार सरकार को घेर रहा है। सदन के अंदर और बाहर विपक्षी विधायक प्रदर्शन कर रहे हैं।
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बुधवार को विधानसभा में 12 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक के अनुपूरक बजट को मंजूरी दी गई। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि इस राशि में वार्षिक खर्च और स्थापना व प्रतिबद्ध व्यय दोनों के लिए प्रावधान किया गया है। कुल मिलाकर, बजट सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बना हुआ है और आने वाले दिनों में हंगामे के आसार बने हुए हैं।