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हम कोई सामान नहीं कि कोई खरीद ले, कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने बताया 'क्यों नहीं किया मतदान'

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर सोमवार को चुनाव के दौरान कांग्रेस के 3 और राजद के एक विधायक ने मतदान नहीं किया और इस वजह से महागठबंधन चुनाव हार गया. अब इस मामले में कांग्रेस विधायक ने मीडिया के सामने बयान दिया और बताया कि उन्होंने वोट क्यों नहीं...

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हम कोई सामान नहीं कि कोई खरीद ले, कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने बताया 'क्यों नहीं किया मतदान'- फोटो : Darsh NEWS

पटना: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर सोमवार को मतदान हुआ जिसमें सभी सीटों पर NDA ने जीत दर्ज की वहीं महागठबंधन की तरफ से 41 वोटों की व्यवस्था कर लेने के बावजूद उम्मीदवार नहीं जीत सके। इसका मुख्य कारण था कि महागठबंधन के चार विधायक ने मतदान से दुरी बना ली। मतदान नहीं करने वाले विधायकों में तीन विधायक कांग्रेस हैं जबकि एक राजद के। सभी चार विधायकों ने मतदान के दौरान अपना मोबाइल बंद कर लिया और खोजने के बावजूद किसी को नहीं मिले। वहीं चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब कांग्रेस विधायक  मनोज विश्वास सामने आये और स्पष्ट किया कि वह मतदान के दौरान कहाँ थे और वोट करने विधानसभा क्यों नहीं पहुंचे।

हमारे नेता को नहीं मिला सम्मान

राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं करने के सवाल पर कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने कहा कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को राज्यसभा चुनाव में कहीं कोई जगह नहीं दी गई, और उनका अपमान किया गया। इसके साथ ही महागठबंधन के प्रत्याशी अमरेंद्रधारी सिंह हमलोगों के पसंद के उम्मीदवार नहीं थे इसलिए हमने उन्हें वोट नहीं दिया। उन्होंने साफ साफ शब्दों में कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान हमारे नेता राजेश राम को कहीं सम्मान नहीं दिया गया, इसलिए हम सभी विधायकों ने उनके साथ बैठक की। बैठक में हमारे नेता ने हमसे कहा कि आप लोग निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं और वोट करना न करना आपकी अपनी   मर्जी की बात है।

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क्रॉसवोटिंग करते तब हम गद्दारी करते

मनोज विश्वास ने कहा कि हमारे नेता ने जब स्पष्ट कर दिया तो उसके बाद हमने निर्णय लिया कि हम वोट नहीं डालेंगे। हमने पार्टी के साथ कोई गद्दारी नहीं की है। अगर हम क्रॉस वोटिंग करते तो फिर हम गद्दार कहलाते लेकिन हमने किसी को वोट ही नहीं किया। हमें अमरेंद्रधारी सिंह पसंद नहीं थे। पहले बात चली थी कि हेना शहाब या अब्दुल बारी शिद्दिकी को प्रत्याशी बनाया जायेगा लेकिन नामांकन से ठीक पहले राजद ने उम्मीदवार की घोषणा की। अगर हेना शहाब को उम्मीदवार बनाया जाता तो हमें और भी लोगों का समर्थन मिलता। हमलोग अल्पसंख्यक लोगों के वोट पर जीत कर आते हैं तो अगर हम उन्हें वोट करते तो हमारे वोट का सम्मान नहीं होता।

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हमारे नेता ने कह दिया था 'आप स्वतंत्र हैं'

कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान एक भी बैठक में हमारे प्रदेश अध्यक्ष को नहीं बुलाया गया। जब हमारे नेता का सम्मान नहीं है तो फिर हमारा सम्मान कहाँ है। खरीद फरोख्त के सवाल पर मनोज विश्वास ने कहा कि हम कोई सामान नहीं हैं कि बिक जायेंगे या कोई खरीद लेगा। हमलोग सम्मान के भूखे हैं। आप ही एक बैठक बता दीजिये जहां हमारे दल के नेता मौजूद थे। जब हमारे नेता का सम्मान ही नहीं है तो फिर हमारा सम्मान कहाँ है। इसी वजह से हमने वोटिंग नहीं की। हम अपनी पार्टी पर निर्भर हैं और हर निर्देश को मानते हैं। हमने अपने नेता से बात की और उन्होंने साफ साफ कहा कि आपलोग अपने वोट के लिए निर्णय हेतु पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।

हम कोई सामान नहीं कि कोई खरीद ले

कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने कहा कि हमारे ऊपर किसी ने कोई दबाव नहीं बनाया या किसी ने कोई डर धमकी नहीं दी, हमलोग बस सम्मान के भूखे हैं और यही वजह है कि हमलोगों ने सम्मान नहीं मिलने की वजह से वोट नहीं किया। उन्होंने कहा कि हम वोटिंग के दौरान पटना में ही थे और दो दिन से हमारा मोबाइल बंद था। हमने 12 मार्च को बैठक में नेता के निर्देश के बाद से ही निर्णय ले लिया था कि हम वोट नहीं करेंगे। 

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