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पत्रकार आशीष शर्मा ऋषि को भेजे गए नोटिस पर WJAI की गंभीर आपत्ति, पत्रकारों की गरिमा की रक्षा की मांग

पत्रकार आशीष शर्मा ऋषि को भेजे गए नोटिस पर वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की गंभीर आपत्ति। लखनऊ में मकान निर्माण विवाद, निष्पक्ष जांच और पत्रकारों की गरिमा की रक्षा की मांग

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पत्रकार आशीष शर्मा ऋषि को भेजे गए नोटिस पर WJAI की गंभीर आपत्ति, पत्रकारों की गरिमा की रक्षा की मांग- फोटो : Darsh NEWS

लखनऊ: Web Journalists’ Association of India (UP Chapter) ने लखनऊ के कंघी टोला, सराय माली खां, थाना ठाकुरगंज क्षेत्र निवासी सैयद फहमी अली के मकान निर्माण प्रकरण तथा वरिष्ठ पत्रकार आशीष शर्मा ऋषि को प्रेषित नोटिस के संदर्भ में अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सैयद फहमी अली, हाउस नंबर 414/443 के विधिवत स्वामी हैं तथा वैध रजिस्ट्री दस्तावेजों एवं पूर्व संरचना के अनुरूप अपने मकान का पुनर्निर्माण कार्य करा रहे थे। निर्माण कार्य के दौरान पड़ोसियों द्वारा आपत्तियां दर्ज कराई गईं, जिसके पश्चात स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य रुकवा दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, तत्कालीन चौकी इंचार्ज हेमू पटेल ने मौके पर उपस्थित होकर सभी पक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि निर्माण कार्य से आसपास के मकानों को किसी प्रकार की क्षति नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद समय-समय पर नई आपत्तियां उठाई जाती रहीं, जिससे विवाद की स्थिति बनी रही। संस्था के अनुसार, पत्रकार आशीष शर्मा ऋषि की भूमिका केवल मध्यस्थता एवं शांति स्थापना की रही। उन्होंने सभी पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी के संपत्ति अधिकारों का हनन न हो तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे। बाद में जब विवाद की स्थिति बढ़ी, तो उन्होंने स्वयं निर्माण कार्य न कराने की सलाह दी और प्रकरण से दूरी बना ली।

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12 फरवरी को जारी नोटिस में लगाए गए आरोपों को लेकर संस्था ने कहा है कि यह एक जिम्मेदार पत्रकार की गरिमा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता की भावना के प्रतिकूल प्रतीत होता है। संस्था का मानना है कि पत्रकारों को उनकी निष्पक्ष एवं सामाजिक भूमिका के कारण मानसिक प्रताड़ना या अनावश्यक कानूनी दबाव का सामना नहीं करना चाहिए। संस्था ने स्पष्ट किया है कि

 

  • यदि किसी निर्माण को लेकर वैधानिक आपत्ति है, तो उसका निस्तारण विधि-सम्मत प्रक्रिया से किया जाना चाहिए।
  • किसी पत्रकार की मध्यस्थता या सामाजिक सरोकार को आपराधिक या विवादास्पद रूप देना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
  • प्रशासन से अपेक्षा है कि तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

Web Journalists’ Association of India ने कहा है कि वह पत्रकार आशीष शर्मा ऋषि के साथ खड़ा है और विश्वास व्यक्त करता है कि सत्य एवं विधि के आधार पर उन्हें पूर्ण न्याय मिलेगा।

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