पटना: देश भर के दस राज्यों के 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का एलान निर्वाचन आयोग ने कर दिया है। चुनाव आयोग 26 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी करेगा जबकि 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम में मतगणना की जाएगी। इन 37 राज्यसभा सीटों में 5 राज्यसभा सीट बिहार की भी है जहां के सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो जायेगा। अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेमचंद गुप्ता, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म होगा जिनके जगह पर फिर से चुनाव कराया जायेगा।
विपक्ष नहीं बचा पायेगा एक भी राज्यसभा सीट
बिहार में एक राज्यसभा सीट के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी ऐसे में जदयू और भाजपा दो दो सीटों पर कब्ज़ा कर सकती है तो दूसरी तरफ राजद एक भी नेता को राज्यसभा नहीं भेज पायेगी। तो माना जा रहा है कि राजद की दो सीटों पर इस बार भाजपा कब्ज़ा करेगी। वहीं विपक्ष से एक भी नेता राज्यसभा नहीं जा सकेंगे। हालांकि विपक्ष के पास एक सीट पर कब्ज़ा करने का विकल्प जरुर है लेकिन उस पर सहमति बनाना असंभव जैसा है। अगर विपक्ष में राजद के, कांग्रेस, वामदल, AIMIM, बसपा और IIP सभी दलों के विधायक को एकसाथ किया जाए तो फिर 41 विधायक पूरे होते हैं और इस तरह से विपक्ष से एक नेता को राज्यसभा भेजा जा सकता है।
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पवन सिंह को मिल सकता है इनाम, नितिन नबीन अभी रहेंगे विधायक
माना जा रहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के अटकलों पर अभी ब्रेक लग सकता है। अभी वे बिहार में विधायक ही बने रहेंगे वहीं पार्टी भोजपुरी गायक और नायक पवन सिंह को बड़ा तोहफा दे सकती है। भाजपा अपनी सीटों पर पवन सिंह को राज्यसभा भेज सकती है। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसके साथ ही एक तरफ चर्चा है कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपनी मां रीना पासवान को राज्यसभा भेजें की जुगत में लगे हुए हैं तो इसके साथ ही उपेंद्र कुशवाहा की कुर्सी भी खतरे में है। चर्चा है कि भाजपा ने उन्हें एक बार लोकसभा में हारने के बावजूद राज्यसभा भेजा लेकिन अब उन्हें रिपीट नहीं करेगी। भाजपा अगर यह पांचवीं सीट चिराग पासवान को दे भी देती है तो भी 41 विधायक के समर्थन के मुकाबले मात्र 38 विधायक ही बचेंगे जो समर्थन दे पाएंगे तो फिर NDA को यहां क्रॉस वोटिंग पर निर्भर होना पड़ेगा।
क्या करेंगे उपेंद्र कुशवाहा
जदयू खेमे से राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का कार्यकाल पूरा हो रहा है। बता दें कि दोनों ही नेताओं का यह दूसरा कार्यकाल खत्म हो रहा है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी से बहुत कम ही स्थिति में किसी नेता को दो बार से अधिक राज्यसभा भेजते हैं, ऐसे में इन दोनों नेताओं का तीसरी बार रिपीट किये जाने पर संशय बना हुआ है। हालांकि दोनों ही नेता केंद्र में बड़े पदों पर हैं इसलिए यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि जदयू उन्हें तीसरी बार भी रिपीट कर सकती है। वहीं उपेंद्र कुशवाहा को NDA ने लोकसभा चुनाव के दौरान एक सीट लोकसभा में और एक सीट विधान परिषद की देने का वादा किया था। लोकसभा में उपेंद्र कुशवाहा खुद हार गए और उन्हें भाजपा ने राज्यसभा भेज दिया। इधर उपेंद्र कुशवाहा ने विधानसभा चुनाव में अपने बेटे को बिना किसी सदन का सदस्य बनाये कैबिनेट में जगह दिला दी जिन्हें माना जा रहा है कि मंगल पांडेय की जगह विधान परिषद का सदस्य बनाया जा सकता है लेकिन उपेंद्र कुशवाहा खुद अप्रैल से किसी भी सदन के के सदस्य नहीं रहेंगे
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