पटना: राजधानी के कंकड़बाग इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा की संदिग्ध मौत मामले ने अब पूरी तरह से राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मामले में पुलिस की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद अब विपक्षी पार्टियों ने सरकार और पुलसी के विरुद्ध संग्राम छेड़ दिया है। बुधवार को राजधानी पटना में राजद की महिला प्रकोष्ठ ने आक्रोश मार्च किया। आक्रोश मार्च पार्टी कार्यालय से शुरू हो कर आयकर चौराहा पहुंचा और वहां महिला कार्यकर्त्ता सडकों पर ही बैठ गई।
राजद की महिला कार्यकर्ताओं ने अपने हाथ में न्याय दो, अधिकार दो जैसे स्लोगन लिखे तख्तियां रखी हुई थी और सरकार के विरुद्ध जम कर नारेबाजी कर रही थी। इस दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब पूरी शासन और प्रशासन अपराधियों को बचाने के लिए एकजुट हैं। पटना में बड़े सपने लेकर पढने आने वाली बच्चियों के साथ हैवानियत हो रही है। खगड़िया में 4 वर्ष की बच्ची, बक्सर में 14 वर्ष की बच्ची, पटना में दो दो हॉस्टल में बच्चियों के साथ हैवानियत और उनकी हत्या कर दी जा रही है ऐसे में बच्चियां कहाँ सुरक्षित हैं।
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एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटी बचाओ और बेटी पढाओ का नारा देते हैं दूसरी तरफ वह सुरक्षित नहीं हैं। तो ऐसे में अब अगर पुलिस अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगी तो फिर हमलोग क्या कर सकते हैं। हमलोग हर दिन पुलिस अधिकारियों से बात कर रहे हैं और बेटियों की सुरक्षा के लिए आवाज उठा रही हूँ। यह सिर्फ तेजस्वी यादव और उनकी बहन बेटी की बात नहीं है बल्कि हर किसी के बहन और बेटी की बात है। तेजस्वी और लालू जी की विचारधारा से आज उनकी सिपाही सडकों पर उतरी है। हमलोगों का हक़ है कि हम सरकार से सवाल करें कि आखिर हम सुरक्षित क्यों नहीं हैं। आप तो कहते थे कि बुलडोजर चलवा देंगे लेकिन आज बेटियां सुरक्षित क्यों नहीं हैं। हमारी मांग है कि उन सभी अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी हो और ऐसी कड़ी सजा दी जाये कि महिलाओं को छूने की बात तो दूर सोच कर भी उनकी रूह कंप जाएँ।
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