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दारोगा जी को SP-SSP का भी नहीं है डर, तबादला के बाद भी वर्षों से जमे हैं पुराने थाने में...

पटना में बीते वर्ष दिसम्बर में पटना के सभी चारों एसपी ने दो वर्ष से अधिक समय से एक ही थाना में जमे अधिकारियों का तबादला कर दिया था लेकिन करीब एक महिना से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कई थानाध्यक्ष ने अपने नए थाना में योगदान नहीं दिया है...

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दारोगा जी को SP-SSP का भी नहीं है डर, तबादला के बाद भी वर्षों से जमे हैं पुराने थाने में...- फोटो : Darsh NEWS

पटना: पुलिस सेवा, जिसे लोगों की सुरक्षा और अनुशासन के लिए जाना जाता है लेकिन इन दिनों दोनों ही चीजें नदारद दिखती हैं। एक तरफ जिसकी सुरक्षा में पुलिस को तैनात किया जाता है यानि आम आदमी वह पुलिस के पास जाने से डरती है तो दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के भी मामले लगातार सामने आते ही रहते हैं। हालांकि पुलिस के वरीय अधिकारी समय समय पर अनुशासन का पाठ और पीपल फ्रेंडली पुलिसिंग का पाठ जरुर पढ़ाते हैं लेकिन अधिकारी हैं कि उनके कानों पर जूं भी नहीं रेंगता। यह सब तो आम लोगों के मामले में है लेकिन अब पुलिस विभाग में लापरवाही का आलम यह हो गया है कि अधिकारी अपने वरीय अधिकारियों के निर्देशों और आदेशों को भी ठेंगा दिखाने से बाज नहीं आते हैं।

दरअसल अभी हाल ही में पटना जिला में के सभी चारों एसपी ने दो वर्षों से अधिक समय से एक ही थाने में जमे सब इंस्पेक्टर और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर को इधर से उधर किया था। सभी अधिकारियों को आठ जनवरी तक अपने नए जगह पर योगदान देने का निर्देश भी जारी किया गया था। लेकिन अधिकारी हैं कि लापरवाही की आदत जाती ही नहीं। अब इस मामले में पटना के एसएसपी ने संज्ञान लिया है और बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने सभी लापरवाह अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है।

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इस संबंध में एसएसपी ने अपने आदेश में कहा है कि बीते वर्ष 25, 26 और 30 दिसम्बर की तारीख में पटना सिटी एसपी पूर्वी, पश्चिमी और मध्य के साथ ही पटना ग्रामीण एसपी ने अपने क्षेत्र के सभी थानों में दो वर्ष से अधिक समय से जमे सब इंस्पेक्टर और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर का तबादला किया था। सभी एसपी के स्थानांतरण आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को 8 जनवरी तक अपने नए पदस्थापन वाले थानों में योगदान देने का निर्देश भी जारी किया गया था। स्थानान्तरण आदेश के करीब एक महीने बाद 24 जनवरी भौतिक सत्यापन में पाया गया कि 57 अधिकारियों पर तबादला आदेश का कोई असर नहीं हुआ और सभी अपने पुराने थाने में ही जमे हुए थे। हालांकि इसके बाद कई पुलिस अधिकारियो ने अपने नए थाने में योगदान तो दे दिया लेकिन अब भी कई ऐसे अधिकारी हैं जो वरीय अधिकारियों के आदेश को धता बताते हुए पुराने जगहों पर ही जमे हुए हैं।

SSP का आदेश

SSP ने बीते 29 जनवरी को निर्गत अपने आदेश में अब ऐसे सभी पुलिस अधिकारी जिन्होंने तबादला आदेश और भौतिक सत्यापन के बावजूद अब तक अपने नए थाना में योगदान नहीं दिया के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजते हुए ऐसे लापरवाह अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया है। एसएसपी के इस आदेश के बाद अब देखना है कि ऐसे लापरवाह अधिकारी कब तक अपने नए जगह पर योगदान देते हैं।

बता दें कि बिहार पुलिस में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए दो वर्ष से अधिक समय तक एक ही जगह पर पदस्थापित रहने वाले अधिकारियों का स्थानांतरण का नियम है जिसके अनुसार पटना सिटी एसपी सेंट्रल ने बीते वर्ष 25 दिसंबर, पटना सिटी एसपी पश्चिमी एवं पूर्वी ने 26 दिसंबर तथा पटना ग्रामीण ने 3 दिसंबर को अपने क्षेत्र के थानों में दो वर्ष से अधिक समय से जमे रहने वाले सभी SI और ASI का तबादला किया था लेकिन अब तक कई ऐसे अधिकारी हैं जिनके ऊपर अपने वरीय अधिकारी के आदेश का कोई असर नहीं पड़ा है और वे तबादला के बाद भी अपने पुराने पदस्थापना वाले जगह पर जमे हुए हैं।

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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट


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