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NEET छात्रा के परिजनों को SIT कर रही परेशान? परिवार के लोगों ने कहा 'हमें भरोसा नहीं..'

राजधानी पटना के हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में अब परिजनों का भरोसा SIT से भी उठने लगा है. परिजनों ने टॉर्चर करने का आरोप लगाते हुए जांच की दिशा गलत बताया है साथ ही CBI जांच की मांग की है. अब एक बार फिर...

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NEET छात्रा के परिजनों को SIT कर रही परेशान? परिवार के लोगों ने कहा 'हमें भरोसा नहीं..'- फोटो : Darsh News

पटना: राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में अब FSL की रिपोर्ट के बाद अब SIT की टीम कई लोगों के ब्लड सैंपल जमा कर रही है। SIT की टीम ने परिवार के सदस्यों समेत कई संदिग्ध लोगों के ब्लड सैंपल लिया है। मंगलवार को भी SIT की टीम ने राजधानी पटना के गर्दनीबाग अस्पताल में कई लोगों को ब्लड सैंपल लेने के लिए बुलाया है जिसके बाद अब परिजनों में आक्रोश देखा जा रहा है। परिजनों ने SIT की टीम पर भी मामले की लीपापोती का आरोप लगाया और सरकार से CBI जांच की मांग की।

SIT कर रही मामले की लीपापोती

मामले में मीडिया से बात करते हुए नीट छात्रा के एक रिश्तेदार ने कहा कि पहले पुलिस ने मामले की लीपापोती की कोशिश की और अब SIT की टीम भी कमोबेश वही काम कर रही है। SIT को जब ब्लड सैंपल लेना था तो उन लोगों का लेती जो संदेह के घेरे में हैं तो ये लोग उसके पिता भाई और मामा के ब्लड सैंपल ले रही है। SIT की टीम ने अब तक एक भी आरोपी से न तो पूछताछ की है और न ही उनकी जांच की जा रही है लेकिन बार बार परिजनों से पूछताछ कर उन्हें दोषी बनाने पर तुली हुई है। परिजन ने कहा कि SIT की टीम परिवार के सदस्यों को संदिग्ध के घेरे में रख रही है और रिश्तेदारों पर ही शक कर रही है।

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SIT परिवार के लोगों को कर रही टॉर्चर

अब हमें SIT पर भरोसा नहीं है कि हमें न्याय मिल सकेगा। हमें यह उम्मीद ही नहीं है कि SIT की जांच सही दिशा में चल रही है। SIT की टीम लगातार परिवार के लोगों को टॉर्चर कर रही है जबकि अब तक एक भी आरोपी से पूछताछ नहीं की गई है। अब अगर इस मामले को CBI के हवाले नहीं किया जाता है तो फिर हमलोग अब धरना प्रदर्शन करेंगे। SIT की टीम एक बार फिर से पुलिस की प्रारंभिक जांच की तरह पूरे मामले को दबाने और समय खपाने में जुटी हुई है ताकि किसी तरह से केस बंद कर दिया जाये।

मदद करना बन गया परेशानी का सबब

इसके साथ ही एक अन्य संदिग्ध युवक के भाई ने कहा कि आज हमें यह लग रहा है कि किसी की मदद करना भी बिहार में गुनाह की श्रेणी में आता है। युवक ने बताया कि हमलोगों का पीड़िता से कोई संपर्क नहीं था, उसके गांव के ही एक युवक ने मेरे भाई से पूछा था कि कौन सा अस्पताल बेहतर है जिसके बाद मेरा भाई साथ में जा कर वहां उन्हें भर्ती करवाया था। इस मदद करने का इनाम हमलोगों को यह मिल रहा है कि एक बार पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए चित्रगुप्त नगर थाना में बुलाई और उसे रात भर ठंड में बंद रखी, हमलोगों ने पुलिसकर्मियों से कई बार पूछा कि मेरा भाई कहाँ है लेकिन हमें उसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। आज फिर से उसका ब्लड सैंपल लिया जा रहा है। 

जांच के नाम पर हमलोगों को भी परेशान किया जा रहा है जिसके बाद अब हमें यह लगने लगा है कि बिहार में किसी जरूरतमंद की मदद करना किसी गुनाह से कम नहीं है और हमने अब यह सोच लिया है कि चाहे कुछ भी हो जाये अब आगे किसी की मदद नहीं करेंगे। युवक ने SIT और पुलिस पर जांच के नाम पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया।

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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट

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