बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामा देखने को मिला। विवाद की वजह राजद विधायक द्वारा दिवंगत नेता रामविलास पासवान के लिए इस्तेमाल किया गया शब्द “बेचारा” बना। इस पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और जनता दल (यूनाइटेड) ने कड़ा विरोध जताते हुए राजद से माफी की मांग की। सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह माहौल गरम रहा। एलजेपीआर के विधायकों ने हाथों में बैनर लेकर प्रदर्शन किया, जिन पर लिखा था— “राजद की पहचान, दलितों का अपमान।” पार्टी का कहना है कि रामविलास पासवान जैसे बड़े दलित नेता के लिए इस तरह का शब्द इस्तेमाल करना उनका अपमान है।
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वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के विधायक कुमार सर्वजीत ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। उनका कहना है कि जब कोई महान नेता दुनिया से चला जाता है, तो लोग भावुक होकर ऐसा कहते हैं कि अगर वे आज होते तो हालात बेहतर होते। उन्होंने यह भी दोहराया कि वे विधानसभा परिसर में रामविलास पासवान की मूर्ति लगाए जाने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को भी इस मुद्दे पर एलजेपीआर विधायक राजू तिवारी और कुमार सर्वजीत के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी, जिससे सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित हो गई।
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इसके अलावा सत्र के दौरान शिक्षा, मिड-डे-मील, और सरकारी खरीद में कथित गड़बड़ियों जैसे मुद्दे भी उठे। कुल मिलाकर, “बेचारा” शब्द को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक बहस का बड़ा कारण बन गया है।