गया जी: बोधगया महाबोधि मंदिर एवं आस पास के क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बोधगया महाबोधि कॉरिडोर प्रस्तावित निर्माण को लेकर गया जी के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में बैठक की गई। बैठक में बोधगया के विधायक, नगर परिषद के अध्यक्ष, बीटीएमसी के सचिव, बोधगया के विभिन्न होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन, बोधगया मठ के मठाधीश, टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन, नगर परिषद क्षेत्र बोधगया के विभिन्न वार्ड पार्षद सहित तमाम स्टेकहोल्डर के साथ विस्तार से विचार विमर्श एवं उनसे सुझाव लिए गए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि महाबोधि मंदिर को केंद्र मानते हुए डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। बोधगया कॉरिडोर का जो डिजाइन किया जा रहा है, उस डिजाइन में क्या-क्या शामिल किया जाना है, ताकि बोधगया एक विश्व स्तर पर पर्यटक स्थल के रूप में स्थापित हो सके साथ ही स्थानीय लोगों को क्या-क्या फायदा हो सके इस पर विस्तार से विचार विमर्श किए गए। एयरपोर्ट से जब कोई पर्यटक उतर कर बोधगया आते हैं, तो उस पूरे दौरान एक अच्छा एक्सप्रेशन पर्यटक को महसूस हो इसपर पहले फेज में काम किया जाना है। नोड 01 में पार्किंग हो, नोड 02 में खाने की व्यवस्था हो, अन्य स्थानों / रास्तो में भी खाने की व्यवस्था हो, मंदिर के पीछे भी डेवलपमेंट का प्लान तैयार किया जा रहा है।
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पर्यटक जब पैदल चलकर के मंदिर आये थोड़ी दूर से उस रास्ते में भगवान बुद्ध के विचारों के बारे में जानकारी हो सके इसके प्लानिंग किया जा रहा है। जयप्रकाश उद्यान को अच्छे से डेवलपमेंट हो इसका प्लान तैयार किया जा रहा है, नदी के तरफ घाटों का निर्माण किया जाएगा जिसमें आम लोगों को छठ पूजा करने में आसानी हो। इस पर प्लान तैयार किया जा रहे हैं , अच्छे रेस्टोरेंट एवं अलग-अलग देश के व्यंजन वाले रेस्टोरेंट की व्यवस्था स्थापित करने पर प्लान तैयार किया जा रहे हैं, पार्किंग की जगह में थोड़ी कमी है, बड़े जगह को चिन्हित कर बड़े-बड़े पार्किंग व्यवस्था बनने पर प्लान तैयार की जा रही है, शौचालय पेयजल पीने के पानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। जो लोग फल सब्जी बेचते हैं उनको व्यवस्थित रूप से दुकान बनाकर उनको उपलब्ध कराने पर प्लान किया जा रहा है। रिवर साइड सड़क से बोडगया आने के लिए डबल लेन रोड का निर्माण होगा।
पटना से बोधगया यदि कोई यात्री आते हैं तो दो मोहान के समीप बड़े-बड़े साइनेज लगवाने का निर्देश दिया गया है ताकि लोगों को जानकारी मिल सके कि महाबोधि मंदिर जाने के लिए किधर मुड़ना होगा। बोधगया में मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल का निर्माण करवाया जाएगा। बोधगया मठ भी बोधगया का एक धरोहर के रूप में है इसे भी सौंदरीकरण बनाने का काम किया जाएगा। महाबोधि मंदिर में दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं को लाइन में लगे संबंधित समस्या के निजात के लिए पांच अलग-अलग बड़े-बड़े द्वारा बनाए जाएंगे, जिसमें पर्यटक आसानी से एंट्री एवं एग्जिट कर सकेंगे। इसके लिए इस बिंदु को भी कॉरिडोर में शामिल किया गया है।
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जिलाधिकारी ने आर्ट हैंड क्राफ्ट पर विशेष बल देते हुए कहां की जिले में पत्थर कट्टी, गम्हार लकड़ी से बने विभिन्न सामग्री, तार पेड़ के पत्ते से बने विभिन्न सामग्री सहित हाथ से निर्मित अनेकों प्रकार के सामग्रियों को प्रदर्शित करने के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म बनाया जाएगा जो लोग अपने हाथ से निर्मित सामग्रियों को बेच सकेंगे। इस आर्ट क्राफ्ट विलेज के नाम से इंडिकेट किया जाएगा इस नोट टू के क्षेत्र में बनाने के लिए कॉरिडोर में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि बाईपास फल्गु नदी से बोधगया रिवरसाइड महाबोधि मंदिर तक ग्रीन पार्क का निर्माण कॉरिडोर में शामिल है जिसके तहत बड़े पैमाने पर आकर्षक प्लांटेशन रहेंगे बोधगया के टूरिस्ट या उसे क्षेत्र के होटल में ठहरने वाले टूरिस्ट पैदल मेडिटेशन का लाभ ले सकेंगे इसके अलावा उसे नदी के समीप जितने भी पढ़ने वाले गांव हैं उन्हें गांव के सामने अलग-अलग छठ घाट भी बनाए जाएंगे जहां श्रद्धालु इसका लाभ ले सकेंगे।
बैठक के पश्चात विधायक बोधगया सहित विभिन्न स्टेकहोल्डर द्वारा अनेकों सुझाव दिए गए जिसे नोट करने का काम किया गया है। बैठक में साक्षी गोदारा प्रोजेक्ट मैनेजर, अर्बन डिजाइनर नवनीत राज, आर्किटेक्ट नेहा माथुर, अपर समाहर्ता राजस्व, सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी सदर जिला पर्यटन पदाधिकारी सचिव बीटीएमसी, सहित तमाम विभागों के पदाधिकारी एवं विभिन्न बोधगया के स्टेकहोल्डर्स उपस्थित थे।
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गया जी से मनीष कुमार की रिपोर्ट