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UGC नियम केवल भूमिहार, राजपूत ब्राहमण के लिए नहीं बल्कि..., पप्पू यादव ने कहा 'यादव भी...'

देश भर में UGC के नए नियम का विरोध होने के बाद गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने फ़िलहाल 2012 के नियमों को लागू किये जाने का आदेश दिया है. इस मामले में बात करते हुए पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव.

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UGC नियम केवल भूमिहार, राजपूत ब्राहमण के लिए नहीं बल्कि..., पप्पू यादव ने कहा 'यादव भी...'- फोटो : Darsh NEWS

पटना: पिछले कई दिनों से UGC के नए रेगुलेशन को लेकर देश भर में राजनीति गर्म था। एक तरफ जहां एक ढर्रा इस रेगुलेशन का जोर शोर से विरोध कर रहा था तो दूसरी तरफ दूसरा ढर्रा इसका समर्थन। गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए रेगुलेशन पर रोक लगा दी और फ़िलहाल 2012 के रेगुलेशन को लागू रखे जाने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब देश भर में सवर्ण नेता या सवर्ण हितैषी नेताओं के बयान की बाढ़ सी आ गई है वहीँ अब पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भी बड़ी बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि यह नियम सवर्ण के विरोध में बनाई गई यह अफवाह मीडिया ने फैलाई जबकि इस नियम के तहत ब्राहमण, राजपूत, भूमिहार के अलावे यादव, कुर्मी समेत अन्य कई जाति पर भी लागू होते।

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पप्पू यादव ने गुरुवार को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायलय ने जो UGC से रिपोर्ट मांगी है। हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं लेकिन सरकार मौन क्यों है। हमने पहले भी कहा है कि न कोई किसी को फंसाए और न शोषण करे। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर UGC ने पहले भी एक रिपोर्ट बनाई थी। हम बार बार कहते हैं कि इसे किसी भी आधार पर सवर्ण और गैर सवर्ण के रूप में नहीं देखा जा सकता है। सवर्ण आयोग बना, गरीब सवर्णों के बच्चे के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था  की गई कोई विरोध नहीं हुई लेकिन जब एससी-एसटी एक्ट आया तो उसका जम कर विरोध हुआ। जब भी कोई कानून बनता है या उसमें संशोधन होता है तो उसमें कुछ बुराइयाँ भी होती हैं और कुछ अच्छाई भी। उसका विरोध भी होता है।

पप्पू यादव ने कहा कि मंडल कमीशन के वक्त भी विरोध हुआ था। यह सवाल लंबे समय मनुस्मृति से लेकर आजतक उठ रहा है। शिक्षा के मुद्दों पर दिव्यांग, गरीब का शोषण केवल राजपूत, ब्राह्मण भूमिहार ने ही किया है, यह अवधारणा बिल्कुल गलत है। यह नियम सिर्फ सवर्ण बच्चों के लिए नहीं है बल्कि उसमें यादव, कुशवाहा, कुर्मी, समेत अन्य जातियां भी शामिल है। इसका मतलब है कि कोई भी मजबूत और दबंग परिवार का बच्चा, इसमें केवल सवर्ण कहाँ से आ गया। इसे मीडिया वालों ने बाँटने की कोशिश की, इसे हम सही नहीं मानता हूँ।

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पटना से दक्षा प्रिया की रिपोर्ट


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