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चिराग पासवान के दही-चूड़ा भोज में एनडीए का शक्ति प्रदर्शन

NDA's show of strength at Chirag Paswan's Dahi-Chuda feast

पटना: मकर संक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति एक बार फिर दही-चूड़ा भोज के बहाने गर्माती नजर आई। गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोजपा (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय में आयोजित दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी।

इस दही-चूड़ा भोज में एनडीए के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में खास संदेश दिया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नितिन नवीन, बिहार स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे समेत कई NDA के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे। इसके अलावा चेतन आनंद की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। आयोजन स्थल पर एनडीए नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ नजर आई, जिससे यह साफ संकेत मिला कि गठबंधन के भीतर आपसी तालमेल और सहजता लगातार बढ़ रही है।

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गौरतलब है कि इससे पहले 14 जनवरी को बिहार सरकार के मंत्री एवं जदयू नेता रत्नेश सदा ने भी दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया था, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। वहीं मकर संक्रांति की सियासी सरगर्मी तब और बढ़ गई जब लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति दल के नेता तेजप्रताप यादव ने भी दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उनके पिता लालू प्रसाद यादव, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मंत्री अशोक चौधरी और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा जैसे नेताओं की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा।

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दिलचस्प बात यह रही कि जब डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने दही-चूड़ा भोज दिया था, तब उसमें भी एनडीए के कई बड़े चेहरे शामिल हुए थे और तेजप्रताप यादव भी वहां पहुंचे थे। कुल मिलाकर मकर संक्रांति के बहाने दही-चूड़ा भोज अब सिर्फ एक पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में मेल-मिलाप और सियासी संकेतों का मजबूत मंच बनता दिख रहा है।


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