हो जाएं सावधान नौकरी का सपना दिखाकर हो रही है लाखों की ठगी, मोतिहारी में सामने आया ठगी का नेटवर्क
मोतिहारी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां थाना परिसर में पुलिस की मौजूदगी के बीच बेरोजगार युवकों से बड़े पैमाने पर ठगी की गई। शातिर ठग गिरोह ने ‘पुलिस मित्र’ के नाम पर बहाली का झांसा देकर करीब 42 युवकों से 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक वसूल लिए। पीड़ितों के अनुसार, ठगों ने उन्हें 16 हजार रुपये मासिक वेतन का लालच दिया और भरोसा जीतने के लिए कथित तौर पर डीजीपी के नाम से जारी एक पत्र भी दिखाया, जिस पर रिसिविंग लगी हुई थी। इसके बाद युवकों को पूरी तरह आश्वस्त करने के लिए मोतिहारी जिले के विभिन्न थाना परिसरों में उन्हें आई-कार्ड पहनाकर ‘पुलिस मित्र’ की बहाली कराई गई।
यह भी पढ़ें: थावे मंदिर केस में बड़ा मोड़, बरामद ज्वेलरी को मुक्त करने का आदेश
बताया जा रहा है कि तीन रिटायर्ड चौकीदारों के एक-एक बेटे से 20-20 हजार रुपये लिए गए, जबकि प्रति व्यक्ति कुल 60 हजार रुपये की मांग की गई थी। ठगों ने शेष राशि वेतन शुरू होने के बाद लेने की बात कही। पीड़ितों का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में महिला थानाध्यक्ष की सहमति होने की बात भी कही गई थी, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया। इस ठगी का शिकार अरेराज, घोड़ासहन, पलनवा और गोविंदगंज के युवक हुए हैं। पैसा लेने के बाद कई महीनों तक कभी बैंक पासबुक मांगी जाती रही तो कभी मुजफ्फरपुर के एक होटल में बुलाकर जल्द बहाली प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया जाता रहा।
यह भी पढ़ें: दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक जानें सभी राशियों का भविष्यफल, करियर, प्रेम और स्वास्थ्य का हाल
पीड़ित युवकों का कहना है कि अगर थाना परिसर में आई-कार्ड पहनाकर बहाली नहीं कराई जाती, तो वे कभी इस झांसे में नहीं आते। मामला सामने आने के बाद मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी थाना की संलिप्तता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा। एसपी ने मामले की तत्काल जांच और ठगों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।