अगर साक्ष्य है तो राबड़ी देवी सामने लायें, विधान परिषद में दिए बयान पर सम्राट-अशोक चौधरी ने कर दिया चैलेंज..
पटना: बिहार में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और इस दौरान विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश में जुटी है। इस बीच एक तरफ विपक्ष विधानसभा चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगा रहा है तो दूसरी तरफ राजधानी पटना में नीट छात्रा की मौत का मामला अभी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। इन दोनों ही मामलों में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के बयान के बाद अब सत्ता पक्ष उनके ऊपर हमलावर है और सुबूत पेश करने की मांग कर दी है।
नीट छात्रा मामले में बोलते हुए विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने कहा था कि सरकार किसी बड़े मंत्री या नेता के बेटे को इस मामले में बचाने की कोशिश में जुटी हाही। अब इस मामले में उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले में विपक्ष राजनीति कर रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, ऐसे में उनसे इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राबड़ी देवी को यह जानकारी है कि इस मामले में किसी मंत्री या मंत्री के बेटे की संलिप्तता है, तो उन्हें जनता के सामने स्पष्ट रूप से नाम बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता है, तो इसका अर्थ है कि साक्ष्यों को छुपाने की कोशिश की जा रही है।
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सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस प्रकरण में किसी भी मंत्री या मंत्री के बेटे का नाम सामने आता है, तो 24 घंटे के भीतर उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि गुरुवार को राबड़ी देवी ने नीट छात्रा मौत मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इस मामले में “किसी मंत्री का बेटा या खुद कोई मंत्री शामिल हो सकता है।” उन्होंने आरोप लगाया था कि पहले इस मामले को दबाने की कोशिश की गई और जब मामला तूल पकड़ने लगा, तब सीबीआई जांच की बात कही गई।
वहीं दूसरी तरफ राबड़ी देवी के विधानसभा चुनाव में वोट चोरी के आरोप पर बात करते हुए नीतीश के मंत्री अशोक चौधरी ने तल्ख लहजे में कहा कि अगर वोट चोरी हुई है और उनके पास इस बात के साक्ष्य हैं तो फिर वह कोर्ट क्यों नहीं जाती हैं ताकि उनके साथ न्याय हो। इस तरह से अनर्गल बयानबाजी मीडिया में करने से कुछ होने वाला तो है नहीं, अगर कोर्ट में जाती हैं तो कुछ फायदा भी होगा। अगर उनके पास साक्ष्य हैं तो फिर उन्हें कोर्ट जाना चाहिए। लंबे समय तक बिहार की सत्ता में रहने वाली पार्टी, लालू यादव एक समय में देश के बड़े नेताओं में गिने जाते थे उन्होंने कभी यह नहीं सोचा है कि आखिर उनकी पार्टी 25 सीटों पर क्यों सिमट गई। उन्हें अपनी हार की समीक्षा करनी चाहिए और अब भी समझ जाएँ और पॉजिटिव राजनीति करें अन्यथा उनका और भी बुरा हश्र होगा। अशोक चौधरी ने तल्ख लहजे में कहा कि राबड़ी देवी ने जिस तरह का आरोप लगाया है अगर उनके पास साक्ष्य है तो वे भी प्रशांत किशोर की तरह कोर्ट में जाएँ।
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