पटना : बिहार की सियासत में एक बार फिर JDU और BJP के बीच कथित मतभेदों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालाँकि दोनों दलों की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी भी तरह के टकराव की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और बयानों को लेकर कई तरह की अटकलें लगायी जा रही है। सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कुछ घटनाएं ऐसी रहीं जिन्होंने गठबंधन के भीतर असहमति की ओर इशारा किया। इनमें सबसे पहले यह दावा सामने आया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर संभावित नामों पर संगठन स्तर पर सहमति बनती नहीं दिखी, जिससे आंतरिक मतभेद की स्थिति बनी।

इसी बीच यह भी चर्चा में रहा कि जब मुख्यमंत्री पद की शपथ प्रक्रिया और राजनीतिक समीकरण बन रहे थे, उसी समय कुछ पुराने JDU नेताओं से जुड़े नामों को लेकर BJP के निर्णयों ने राजनीतिक संदेश दिया, जिसे JDU खेमे में असहजता के रूप में देखा गया। पटना में शपथ ग्रहण के बाद JDU कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री आवास के बाहर नारोंबाजी और उत्तराधिकार से जुड़े संकेतों ने भी राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। इसके साथ ही JDU के वरिष्ठ नेता Vijay Kumar Chaudhary के बयानों ने भी सुर्खियां बटोरीं, जिनमें उन्होंने नई सरकार के गठन और सत्ता संतुलन को लेकर अहम संकेत दिए।

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इधर दिल्ली से लेकर पटना तक नेताओं की आवाजाही और बैठकों में बदलाव को भी राजनीतिक हलचल से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि BJP की आंतरिक बैठकों और कोर ग्रुप चर्चा में भी कुछ नामों को लेकर एकराय नहीं बन पाई, जिससे स्थिति और जटिल हुई। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि Samrat Choudhary के संभावित नेतृत्व को लेकर भी पार्टी के भीतर अलग-अलग राय सामने आई, जबकि Nitish Kumar के नेतृत्व को लेकर JDU लगातार अपनी स्थिति स्पष्ट करती रही है।

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इसी तरह Vijay Kumar Sinha और अन्य नेताओं की गतिविधियों को भी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं JDU प्रवक्ता Neeraj Kumar द्वारा दिए गए हालिया बयानों ने भी उत्तराधिकार और पार्टी रणनीति पर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि BJP और JDU दोनों ही दलों ने किसी भी तरह के मतभेद या अंदरूनी संघर्ष की बात को सिरे से खारिज किया है और इसे मीडिया की अटकलें बताया है। लेकिन लगातार सामने आ रहे बयानों और घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है। फिलहाल राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में गठबंधन की रणनीति और नेतृत्व को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।