पटना में सियासी हलचल के बीच आज मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू की अहम बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे, जहां सरकार में जेडीयू की आगे की भूमिका, मंत्रियों की संख्या और संभावित नए चेहरों पर विस्तार से चर्चा होगी। माना जा रहा है कि यह बैठक आने वाले राजनीतिक समीकरणों को लेकर काफी महत्वपूर्ण है। हालांकि, सरकार में बदलाव की अटकलों पर जेडीयू की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने साफ कहा है कि केवल सदस्यता ग्रहण करने से सरकार नहीं बनती, बल्कि इसके लिए इस्तीफा देना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि अभी इंतजार करना चाहिए, समय आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने को लेकर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी ने आरोप लगाया कि इस कदम से साफ हो गया है कि अब बिहार की सरकार पटना से नहीं, बल्कि दिल्ली से संचालित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री जनता की पसंद का नहीं बल्कि “थोपा हुआ” चेहरा होगा।
तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि राज्यसभा की शपथ लेना एक सामान्य प्रक्रिया है, इसमें कोई असाधारण बात नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है, जो इतनी चर्चा हो रही है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार यह फैसला अपनी इच्छा से नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव में ले रहे हैं और उन्हें जबरदस्ती राज्यसभा भेजा गया है।
इसके साथ ही तेजस्वी ने हालिया घटनाओं और वीडियो फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री सदन में बोलते हैं तो या तो सदन स्थगित कर दिया जाता है या बिजली काट दी जाती है, जो कई सवाल खड़े करता है।
वहीं दूसरी ओर, भाजपा और सहयोगी दलों ने नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई दी है और उनके संसदीय अनुभव को देश के लिए उपयोगी बताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि नीतीश कुमार का अनुभव संसद में बिहार की आवाज को और मजबूत करेगा और उनके मार्गदर्शन में विकास को नई गति मिलेगी।
शुक्रवार शाम दिल्ली से पटना लौटने के बाद नीतीश कुमार की यह बैठक और तेजस्वी के आरोपों ने बिहार की राजनीति को और गरमा दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में राज्य की सियासत किस दिशा में आगे बढ़ती है।




