बिहार की सियासत में अचानक बढ़ी हलचल ने रविवार को नया मोड़ ले लिया, जब मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग पर जेडीयू नेताओं की लगातार आवाजाही शुरू हो गई. एक के बाद एक वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है. सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या नीतीश कुमार कोई बड़ा फैसला लेने वाले हैं.

पटना में दिनभर चली इस हलचल के बीच विजय कुमार चौधरी सबसे पहले मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे. इसके बाद भगवान सिंह कुशवाहा भी 1 अणे मार्ग पहुंचे और नीतीश कुमार से मुलाकात की. हालांकि बाहर निकलने के बाद कुशवाहा ने साफ तौर पर कहा कि मुलाकात के दौरान इस्तीफे या राज्यसभा जाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई, लेकिन उनका यह बयान सियासी अटकलों को और हवा दे गया.

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सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार जल्द ही एमएलसी पद से इस्तीफा दे सकते हैं और आगामी 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं. यही वजह है कि लगातार हो रही बैठकों को बेहद अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इन बैठकों में आगे की रणनीति और संभावित राजनीतिक बदलावों पर चर्चा हो रही है.

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इस बीच बाहुबली नेता अनंत सिंह का बयान भी चर्चा में है. जब उनसे पूछा गया कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं तो उन्हें कैसा लग रहा है, इस पर उन्होंने कहा कि “दुख तो लगता ही है, लेकिन जब नीतीश जी मान ही नहीं रहे तो क्या किया जा सकता है.” उनके इस बयान ने भी संकेत दिया है कि अंदरखाने कुछ बड़ा जरूर चल रहा है. फिलहाल, इन तमाम हलचलों के बीच यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सोमवार को कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है. अब सबकी नजरें नीतीश कुमार के अगले कदम पर टिकी हैं, जो बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकता है.