पटना: कांग्रेस आलाकमान ने अभी हाल ही में बिहार में संगठन जिलों की संख्या बढ़ा कर 53 करते हुए सभी जिलों में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस की तरफ से जारी जिलाध्यक्षों की सूची सवर्णों और यादवों को प्राथमिकता दी गई है जिससे माना जा रहा है कि पार्टी ने अपने पुराने रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। लेकिन कांग्रेस के इस फैसले से बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी नाखुश दिखाई दे रही है। इस मामले में बात करते हुए मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह सही है कि इस सूची में कई जातियों के नेता को जगह नहीं दी गई है। मैं पार्टी आलाकमान से बात करूँगा और बिहार के सभी जातियों के नेता का ख्याल रखते हुए इसे सही किया जायेगा।
दरअसल मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने पटना में स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर जम कर निशाना साधा और कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में भी पार्टी विरोध प्रदर्शन करेगी और उसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है। इसके साथ ही राजेश राम ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से इंधन की किल्लत पर भी तंज कसा और कहा कि देश की सरकार पूरी तरह से विफल है और जब से यह सरकार बनी तब से लगातार जनता को लाइन में खड़ा कर रख दिया है। कभी नोटबंदी के नाम पर एटीएम के लाइन में तो कभी कोरोना के दौरान लॉक डाउन और अब गैस के लाइन में लोग खड़े हैं।
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इस दौरान उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची में अधिकतम नाम सवर्ण समाज से होने के सवाल पर कहा कि निश्चित रूप से हमने देखा है। हमारी पार्टी पहले भी जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदार वाली रणनीति पर काम करती रही है और अभी भी वह रणनीति चल रही है। हम इस संबंध में अपने नेता राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं से बात कर रहे हैं और बिहार के सभी जातियों का ख्याल इसमें रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि अपनी आपत्ति पार्टी के संगठन महसचिव केसी वेणुगोपाल तक पहुंचा भी दी है और पूरी उम्मीद है कि अब इसमें संशोधन किया जायेगा।
बता दें कि कांग्रेस ने बिहार में 53 संगठन जिलों के जिलाध्यक्ष की सूची जारी की है जिसमें 10 ब्राह्मण, 10 यादव, 7 मुस्लिम, 7 दलित, 7 भूमिहार, 5 राजपूत के अलवा कुछ कायस्थों को भी जिलाध्यक्ष का जिम्मा सौंपी है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के इस बयान के बाद अब सियासी गलियारे में यह चर्चा तेज हो गई है कि कांग्रेस के अंदर ही अब टकराव शुरू हो गया है। अब तक पार्टी में नेताओं के बीच टकराहट हो रही थी लेकिन इस बार आलाकमान से बिहार प्रदेश कमिटी सीधे टकराने के मूड में है।
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