पटना: बिहार में इन दिनों भ्रष्ट सरकारी कर्मियों के विरुद्ध निगरानी विभाग और बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में EOU ने एक धनकुबेर डीएसपी के कई ठिकानो पर छापेमारी की जहां से करोड़ों रूपये की बेनामी संपत्ति के साक्ष्य मिले हैं। जानकारी के अनुसार डीएसपी ने ASI रहते हुए ही अवैध संपत्ति अर्जित करना शुरू कर दिया था और वर्तमान समय में उनके पास बिहार के कई शहरों सहित सिलीगुड़ी, गंगटोक, गुरुग्राम, पुणे समेत कई अन्य शहरों में भी संपत्ति बनाई है। फ़िलहाल EOU की टीम बारीकी से हर एक बिंदु को खंगाल रही है और अवैध संपत्ति का साक्ष्य जमा कर रही है।
किशनगंज में तैनात डीएसपी गौतम कुमार वैसे तो पटना के रहने वाले हैं लेकिन उन्होंने पूर्णिया समेत पूर्वी बिहार में काफी संपत्ति बनाई है। उन्होंने यह संपत्ति अपने साथ साथ अपनी पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर तो ली ही है साथ ही अपनी गर्लफ्रेंड के नाम पर भी करोड़ों की संपत्ति खरीदी है साथ ही मोटी रकम भी भेजी। इतना ही नहीं डीएसपी अपनी काली कमाई को विभिन्न तरीकों से वैध बनाने की कोशिश में लगे थे। उन्होंने विभिन्न जगहों पर महंगी जमीन की वैल्यू भी कम दिखा कर औने पौने दामों में खरीदी जिसका आज के समय में करोड़ों रूपये में कीमत है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्णिया में करीब 4000 वर्ग फीट क्षेत्रफल में आलीशान 4 मंजिला मकान बनाया है जिसमें उनका परिवार रहता है।
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सूत्र के अनुसार गौतम कुमार वर्ष 1994 में सीधी भर्ती से ASI बने थे और 2013 में वह इंस्पेक्टर बने जबकि 2019 में डीएसपी। फ़िलहाल वे किशनगंज में एसडीपीओ-1 के पद पर तैनात हैं। उनके विरुद्ध EOU ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज कर जब छानबीन शुरू की तो पता चला कि करोड़ों रूपये की बेनामी संपत्ति बनाई हुई है। डीएसपी गौतम कुमार की पत्नी पूर्णिया के एक स्कूल में शिक्षिका के पद पर पदस्थापित हैं।
मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने पुरिया शहर में एक विशाल मकान तथा पूर्णिया के डगरुआ में एनएच के किनारे करीब तीन बीघा व्यावसायिक, आवासीय और कृषि भूमि अपने, पत्नी तथा अन्य रिश्तेदारों के नाम खरीदी है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड शगुफ्ता शमीम के नाम से भी पूर्णिया के झंडा चौक, लाइन बाजार समेत अन्य जगहों पर कई बीघा जमीन खरीदी है। इसके साथ ही उन्होंने किसी अन्य के नाम जमीन खरीद कर उसे अपने बेटे के नाम उपहारस्वरुप प्राप्त किया जिसे पति पत्नी अपने वार्षिक संपत्ति घोषणा में दर्शाते भी थे। इसके साथ ही जांच में यह भी पता चला है कि उन्होंने सिलीगुड़ी, गैंगटोक, गुरुग्राम, पुणे समेत कई अन्य राज्यों में भी संपत्ति में निवेश किया है।
डीएसपी गौतम के ठिकानों पर EOU की छापेमारी में करीब 19 से अधिक जमीन के कागजात, कई बैंक के पासबुक,चेकबुक समेत करोड़ों रूपये के ट्रांजैक्शन के साक्ष्य मिले हैं। इतना ही नहीं वह रूपये दूसरे के खाते में भेज कर ब्लैक मनी को वैध धन साबित करने की कोशिश भी कर रहे थे। इतना ही नहीं उन्होंने दूसरे लोगों के नाम से सिम और गाड़ी भी भी ले रखा था। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक क्रेटा और दो थार गाड़ी अपने, सास और एक अन्य व्यक्ति के नाम पर ले रखा है जिसे खुद, पत्नी और बेटे इस्तेमाल करते हैं। फ़िलहाल EOU मामले की जांच में जुटी है और संभव है कि अभी और भी बेनामी संपत्ति का खुलासा हो सकता है
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