अगर अब तक अपने नहीं किया फार्मर रजिस्ट्रेशन तो पढ़ें ये खबर, एक क्लिक में हो जायेगा काम...
नजदीकी खाद दुकानों की जानकारी और सीधे कॉल की सुविधा मिलेगी इस पर। एआई की मदद से फसल में होने वाले रोगों की पहचान, सही निदान एवं उपयोगी कृषि सलाह पाएं
पटना: बिहार सरकार का कृषि विभाग किसानों को सुगम सुविधाएं देने के लिए डिजिटल खेती की ओर आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में विभाग ने बिहार कृषि ऐप के जरिए किसानों के लिए डिजिटल सुविधाएं बढ़ा दी हैं। अब किसान घर बैठे इस ऐप के जरिए डिजिटल किसान पहचान पत्र के लिए फार्मर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह ऐप किसानों का अहम साथी बनता जा रहा है।
रजिस्ट्रेशन से सलाह तक सुविधा
बिहार कृषि ऐप का नया संस्करण v.1.10.2 जारी किया गया है। अब फार्मर रजिस्ट्री लिंक कैरोसेल कार्ड में उपलब्ध है, जिससे पंजीकरण आसान होगा। डीबीटी उपयोगकर्ताओं के लिए "क्या आप जीविका सदस्य हैं?" नाम से नया फील्ड जोड़ा गया है। साथ ही, भारत विस्तार चैटबॉट को उन्नत किया गया है, जिससे उपयोगकर्ताओं को बेहतर और सुगम अनुभव प्राप्त होगा।
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इस ऐप से जानें खाद की उपलब्धता
ऐप के जरिए किसान खाद की उपलब्धता (लाइव स्टेटस) की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, एआई चैटबॉट (प्रश्न पूछें) के माध्यम से खेती से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान भी प्राप्त कर सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से घर बैठे ही सटीक मौसम पूर्वानुमान, सरकार की योजनाओं, आधुनिक खेती के तरीके आदि से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे खेती के बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
खेती हुई और भी स्मार्ट
इस ऐप पर किसानों को फसल प्रबंधन, बाजार मूल्य और तकनीकी सलाह जैसी सभी आवश्यक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। किसान इस ऐप के माध्यम से विभिन्न कृषि योजनाओं में आवेदन कर सकते हैं और उनकी स्थिति, अनुदान विवरण तथा स्वीकृति की वास्तविक समय पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कृषि से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए किसान कॉल सेंटर बनाया गया है। इसके माध्यम से किसानों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है।
किसानों को डिजिटल दुनिया से जोड़ रही सरकार
कृषि को डिजिटल दुनिया से जोड़ने के लिए कृषि रेडियो, बिहार कृषि ऐप, किसान कॉल सेंटर आदि की स्थापना की गई है। कृषि रेडियो के माध्यम से किसानों को कृषि संबंधी सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि विभाग ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि बिहार कृषि ऐप में किसानों के पंजीकरण के लिए डीबीटी एवं नन-डीबीटी दोनों श्रेणियां मान्य होंगी।
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