जहानाबाद: लोकआस्था का चार दिवसीय महापर्व चैत्र छठ का आज दूसरा दिन है। सोमवार की शाम खरना के बाद मंगलवार को संध्या अर्घ्य और बुधवार को सुबह का अर्घ्य दिया जायेगा। चैत्र छठ पर्व को लेकर प्रशासनिक तैयारी पुख्ता करने का निर्देश राज्य सरकार की तरफ से सभी जिलों में अधिकारियों को दी गई थी जिसका कई जगहों पर सही से पालन भी किया गया और छठ घाटों पर हर तरह की तैयारी की गई है लेकिन जहानाबाद में अव्यवस्था की मार देखने को मिल रही है।
जहानाबाद के प्रमुख दरधा-यमुना संगम घाट की स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है। यहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है वहीं सुरक्षा की दृष्टि से भी कुछ काम नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छठ घाट पर हर वर्ष रंग रोगन और बैरीकेडिंग तो की गई है लेकिन इस बार नगर परिषद ने बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई है। छत घाट पर कूड़े और कचरों का अंबर लगा है। वहीं सबसे गंभीर समस्या पानी की है जो कि काफी दूषित है और इसकी वजह पानी का रंग काला हो गया है। ऐसे में छठव्रतियों को इस दूषित पानी में खड़ा हो कर अर्घ्य देना पड़ेगा।
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घाट पर पानी देख कर ऐसा प्रतीत होता है कि यह एक नाला है। छठ घाट पर कूड़े कचड़े के अंबर को देख स्थानीय लोगों में नाराजगी और आक्रोश भी देखा जा रहा है। लोगों ने कहा कि यह जिला मुख्यालय का सबसे महत्वपूर्ण घाट है, जहां दूर दूर से श्रद्धालु और व्रती पहुँचते हैं और यहां पर रंग रोगन तो कर दिया गया लेकिन जो सबसे बुनियादी काम है सफाई का वह नहीं की गई है। प्रशासन और नगर परिषद ने सिर्फ खानापूर्ति की है जबकि जमीन पर कुछ हुआ ही नहीं है।
मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह ने लोगों को भरोसा दिलाया कि अर्घ्य देने के पहले घाट पर हर जरुरी काम कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि शहर के सभी घाटों की युद्ध स्तर पर साफ सफाई की जा रही है और अर्घ्य से पहले स्थिति में सुधार कर दी जाएगी। हालांकि अब सोमवार की शाम में खरना के साथ ही छठव्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जायेगा और कल शाम संध्या अर्घ्य दी जाएगी।
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जहानाबाद से पवन कुमार की रिपोर्ट