पटना: बीते 16 मार्च को राज्य के 5 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए मतदान हुआ था जिसमें महागठबंधन के चार विधायक गायब रहे थे। मतदान में शामिल नहीं होने पर विपक्ष के नेताओं ने NDA पर हॉर्स ट्रेडिंग करने और चारों विधायकों को डरा धमका या खरीद कर बंधक बनाने का आरोप लगाया था जबकि बागी विधायकों ने कुछ अलग ही कारण बताया। इसी कड़ी में राजद विधायक फैसल रहमान ने अपनी मां की खराब तबियत और हॉस्पिटल में भर्ती होने की बात कही थी। इसी बीच यह कयास लगाया जाने लगा था कि फैसल रहमान NDA में जा सकते हैं और बुधवार को जब वह जदयू नेता राजीव रंजन पटेल के साथ अपने आवास पर दिखे तो सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई।
इस दौरान दर्श न्यूज़ से खास बातचीत करते हुए ढाका के राजद विधायक फैसल रहमान ने कहा कि मतदान के दिन मैं कहीं गायब नहीं हुआ था बल्कि मैं अपनी मां का इलाज करवाने दिल्ली गया था। इमरजेंसी सिचुएशन था और ऐसे मेरे लिए मां से बढ़ कर कोई और काम नहीं था तो मैं उसका इलाज करवाने गया था। मैंने कोई गलत काम नहीं किया है। इस दौरान उन्होंने तेजस्वी यादव से बातचीत होने के मामले में कहा कि अभी तक मामले में कोई बातचीत नहीं हुई है, तेजस्वी यादव भी बाहर गए हुए हैं, आने पर बात हो सकती है। उन्होंने सत्ता पक्ष के नेताओं के द्वारा दबाव बनाने या खरीदने वाले बयान पर कहा कि इन बातों का मेरे ऊपर कोई असर नहीं होता है। जिसे जो कहना है कहता रहे मैंने अपनी बात बता दी है और उस दिन मेरा मोबाइल बंद नहीं था बल्कि मैं दिन भर लोगों से बातचीत भी करता रहा हूँ।
वहीं राजद विधायक फैसल रहमान से मुलाकात करने पहुंचे जदयू के नेता राजीव रंजन पटेल ने दर्श न्यूज़ से खास बातचीत करते हुए कहा कि फैसल रहमान की मां लंबे समय से बीमार थी और आज वह हॉस्पिटल से घर आई हैं तो मैं उनका हालचाल लेने आया हूँ। इनके परिवार से मेरा पुराना रिश्ता है और इनकी मां मुझे भी पुत्रवत प्यार देती हैं। पार्टी और राजनीति से अलग हमदोनो का पारिवारिक रिश्ता रहा है इसलिए मैं इनसे मुलाकात करने आया हूँ।
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इस दौरान उन्होंने फैसल रहमान पर धोखेबाजी के आरोप को लेकर कहा कि फैसल रहमान मोतिउररहमान के बेटे हैं और वह बिहार और अपने इलाके में शेर के नाम से जाने जाते थे। दुनिया में कोई उन्हें नहीं खरीद पाया और फैसल रहमान को भी कोई खरीद नहीं पायेगा और न ही डरा पायेगा। जहां तक वोट नहीं डालने की बात है तो इसके दोषी तेजस्वी यादव और एडी सिंह हैं। इनकी मां एक महीने से दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थी तो कोई उन्हें देखने तक नहीं गए। एडी सिंह अपनी संपत्ति सैकड़ों करोड़ों में डिक्लेअर किया है तो वे एक चार्टर्ड विमान लेकर चले जाते और वोट डलवा कर वापस इन्हें पहुंचा देते। फैसल रहमान 15 की रात तेजस्वी के साथ और 16 को जब डॉक्टर ने इमरजेंसी की बात कही तो इन्हें जाना पड़ा।
फैसल रहमान के साथ 16 को जो परिस्थिति बनी उसके हिसाब तेजस्वी और एडी सिंह चार्टर्ड विमान बुक कर देते, दोनों काम हो जाता। जो आदमी बदहवास हालत में अपनी मां का इलाज करवा रहा है उसके ऊपर गलत आरोप क्यों लगाया जा रहा है। अगर वे लोग चार्टर्ड विमान बुक कर देते और रहमान मना कर देते तब समझ में आता कि ये बागी हैं। वहीं विपक्ष के चार विधायकों को बंधक बनाये जाने या हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप पर राजीव रंजन ने कहा कि आप किसी भी अस्पताल में चले जाइये और देखिये वहां ICU में मोबाइल लेकर जाने देता है क्या? ये तो दिल्ली के बड़े अस्पताल में भर्ती थे तो वहां मोबाइल अंदर कैसे ले जाते। जब ये बाहर आये हैं तो मेरी कई बार बात हुई है।
इस दौरान राजीव रंजन ने फैसल रहमान के NDA में जाने के सवाल पर कहा कि इसकी जरूरत क्या है? फैसल राजद के विधायक हैं तो इसी पार्टी में रहेंगे। कोई पार्टी बदलने की आवश्यकता नहीं है। इनके जैसे इमानदार और न्यायपूर्वक बहुत कम विधायक है। ढाका के लोगों ने इनकी लोकप्रियता और काम के बल इन्हें वोट दे कर विधायक बनाया है तो ये पार्टी क्यों बदलेंगे। वहीं पार्टी की तरफ से फैसल रहमान पर कार्रवाई के सवाल पर राजीव रंजन पटेल ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में ऐसा कोई नियम ही नहीं है। ये अपनी मां के इलाज के लिए दिल्ली गए थे। वहीं उन्होंने नीतीश कुमार राजद के साथ जा कर सरकार बनाने के सवाल पर कहा कि ये सब फालतू बात है। राजद में कोई नेता है क्या? एक चुनाव लड़ते हैं और बाहर भाग जाते हैं। बिहार में उनका कोई ठिकाना नहीं है और चले हैं केरल में लड़ने। वहीं रहना चाहिए उन्हें अब।
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