गोरखपुर: देश भर में अक्सर महिलाओं और युवतियों के साथ हैवानियत की बात सामने आते रहती है और इस बीच अक्सर मासूम बच्चियों के साथ भी इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। हालांकि देश भर में लोगों को कानून पर विश्वास तो है फिर भी न्याय मिलने पर होने वाली देरी को लेकर अविश्वास का भी भाव पनपता ही है। लेकिन ऐसे एक मामले में अब न्यायपालिका ने भी बड़ी मिसाल पेश की है। एक मासूम से हैवानियत के मामले में कोर्ट ने महज 17 दिनों में आरोपी को दोषी करार देते हुए फैसला सुना दिया।

मामला गोरखपुर का है जो शायद देश भर में पहला मामला है जहां चार्जशीट दायर करने के महज 17 दिनों आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन (जिंदा रहते हुए) जेल की सजा कोर्ट ने दी है। इसके साथ ही आरोपी बचाने के आरोप में उसकी मां को भी कोर्ट ने चार साल जेल की सजा सुनाई है। हालांकि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मां बेटे को गिरफ्तार कर लिया था जो अभी जेल में ही हैं। 

यह भी पढ़ें     -   आज से बिहार में आज से फिर शुरू होगी बुलडोजर कार्रवाई, सरकार ने अधिकारियों को दिए निर्देश...

मिली जानकारी के अनुसार 6 वर्षीया मासूम 21 फ़रवरी को अपने दादा दादी के साथ एक शादी में गई थी जहां वरमाला की रश्म के दौरान ही आरोपी अशोक निषाद बच्ची को बहला फुसला कर बगीचे में ले गया और वहां उसके दरिंदगी की फिर बेहोशी की हालत में छोड़ फरार हो गया। अचानक बच्ची के लापता होने पर उसकी खोजबीन शुरू की गई और शादी में लाये गए ड्रोन के माध्यम से जब जांच की गई तो आरोपी बच्ची को ले जाते हुए दिखा जिसके बाद मासूम को बरामद कर बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में आरोपी की मां ने अपने बेटे को बचाने के लिए उसके गंदे कपड़े धो कर छुपाने के लिए भूसे के बीच रख दी थी।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मां बेटे दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की छानबीन की और आरोपी के विरूद्ध साक्ष्य समेत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दिया। कोर्ट ने भी मामले में सुनवाई की गति को तेजी दी और चार्जशीट दायर होने के महज 17 दिनों में आरोपियों को सजा सुना दी। मामले में जहां मुख्य आरोपी को जिन्दा रहने तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई वहीं साक्ष्य छुपाने के आरोप में आरोपी की मां को चार वर्ष जेल की सजा सुनाई है।

यह भी पढ़ें     -   हनुमान जन्मोत्सव की तैयारी अंतिम चरण में, प्रचार प्रसार के लिए रथ किया गया रवाना...