पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नवंबर में नई सरकार के बनने के बाद अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की गई और अब एक बार फिर सरकार नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन यानि आज से इसके विरुद्ध कार्रवाई शुरू करने जा रही है। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलाधिकारी, एडिशनल कलेक्टर, भूमि सुधार डिप्टी कलेक्टर, अनुमंडल पदाधिकारी और अंचल अधिकारियों को पत्र लिख निर्देश जारी किया है।
जानकारी के अनुसार विभाग की तरफ से जारी निर्देश में कहा गया है कि बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। साथ ही पटना हाई कोर्ट की तरफ से कई मामलों में अतिक्रमण हटाने के निर्देश का पालन करने की भी बात कही गई है। इसके साथ ही बिहार सरकार ने नेपाल सीमा से सटे सात जिलों में नो मैन्स लैंड में अतिक्रमण के मामलों को अत्यंत गंभीर बताया है। इन मामलों के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए सर्वे ऑफ़ इंडिया की ओर से सीमांकन के लिए संयुक्त सर्वेक्षण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है और इन इलाकों में प्राथमिकता के आधार अपर कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया गया है।
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अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई के साथ ही सरकार और विभाग ने मानवीय दृष्टिकोण को भी ध्यान में रखने की बात कही है और यह साफ किया है कि गरीब और असहाय लोग अक्सर जीवन यापन के लिए सार्वजनिक जगहों का अतिक्रमण करते हैं। ऐसे में वेंडिंग जोन या वैकल्पिक व्यवस्था किये बिना अतिक्रमण हटाने से उनके रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है इसलिए कार्रवाई से पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।
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