पुलिस को दी थी खुली चुनौती, '15 को मरूँगा'...... मोतिहारी में रात के अँधेरे में हुआ एनकाउंटर
बिहार के मोतीहारी जिले से बड़ी खबर सामने आई है। चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी कुन्दन ठाकुर और उसका साथी प्रियांशू दुबे मारे गए। इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए, जिससे पुलिस महकमे में शोक की लहर है। मिली जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में कुछ अपराधी छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रामडीहा गांव में घेराबंदी की। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। दोनों ओर से चली गोलियों के बीच कुन्दन ठाकुर और प्रियांशू दुबे को गोली लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि कुन्दन ठाकुर काफी समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। दो दिन पहले ही उसने चकिया थाना के अपर थानाध्यक्ष को फोन कर 10 से 15 पुलिसकर्मियों की हत्या करने की धमकी दी थी। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया है।
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घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुन्दन ठाकुर कई आपराधिक मामलों में वांछित था और उसकी गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मुठभेड़ में और कौन-कौन अपराधी शामिल थे।