न तो हमारा विभाग बीमारू है और न ही हम बीमार कर्मियों को बर्दाश्त करेंगे, मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा दो टूक...
पटना: बिहार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर अपने विभाग की उपलब्धियां, योजनाएं एवं प्राथमिकताएं बताई। प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि सरकार ने शिक्षा, आवास, छात्रवृति और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में कई एतिहासिक पहल की है। राज्य में एससी और एसटी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है और इस पर लगातार काम किये जा रहे हैं। वहीं विभाग के सचिव डॉ संदीप कुमार आर पुडुकलकट्टी ने बताया कि 2011 के जनगणना के अनुसार राज्य में अनुसूचित जाति की आबादी करीब 15.91 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति की आबादी 1.28 प्रतिशत थी जबकि 2022 के जातीय गणना के अनुसार अब आबादी बढ़ कर अनुसूचित जाति की आबादी 21.33 और अनुसूचित जनजाति की आबादी 1.68 प्रतिशत हो गया है। पिछले वर्ष की तुलना में हमारे विभाग का बजट भी बढ़ा है और लोगों का तेजी से विकास भी हो रहा है।
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प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान ने बताया कि विभाग ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वैसे छात्र जो छात्रावास में रहते हैं उनकी छात्रवृति दुगुनी करने की सारी तैयारी कर ली गई है और बहुत ही जल्द उसे लागू कर दिया जायेगा। हमने विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही प्रमंडल स्तरीय समीक्षा कर रहे हैं। हर जगह हम घूम कर योजनाओं की समीक्षा भी कर रहे हैं। हमारा विभाग सिर्फ भवन नहीं बनाता है बल्कि बच्चों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत कर रहा है। हमारा विभाग न तो बीमार है और न ही बीमार रहने वाले कर्मियों को झेल रहा है।
मंत्री ने बताया कि बीते दिनों हमने सहरसा और पूर्णिया में औचक निरीक्षण किया और वहां कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जिम्मेवार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभाग के तहत चलने वाली योजनाओं में हम कोई कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे और हर योजना को सुचारू ढंग से चला रहे हैं। राज्य में इस वक्त 91 आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं जिसमें हजारों छात्र छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। कई विद्यालयों को 10+2 स्तर पर अपग्रेड कर दिया गया है और हमारा संकल्प है कि अंतिम प[पंक्ति में बैठे लोगों को हम मुख्यधारा से जोड़ेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी विभाग कई योजनाएं चला रही है और सिविल सेवा में सफल छात्रों को भी सरकार प्रोत्साहित कर रही है।
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