बिहार सरकार का कृषि विभाग अब भूमिहीन किसानों के लिए मधुमक्खी पालन और मधु उत्पादन को आमदनी का नया जरिया बना रहा है। इस योजना के तहत किसान प्रशिक्षण के साथ ही सरकार द्वारा 50% तक अनुदान भी दिया जा रहा है, जिससे छोटे और नए किसानों को फायदा मिल रहा है। किसान 5 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं। आवेदन कृषि विभाग की वेबसाइट या बिहार कृषि ऐप के जरिए किया जा सकता है। योजना के मुताबिक, मधुमक्खी बक्सा की कीमत 4,000 रुपए और मधुमक्खी छत्ता की कीमत 2,000 रुपए तय है। मधु निष्कासन यूनिट की कीमत 20,000 रुपए है, जिस पर भी 50% अनुदान मिलेगा।

योजना का लाभ सिर्फ नए मधुमक्खी पालकों को मिलेगा। पिछले तीन वर्षों में योजना का लाभ ले चुके किसान इस बार आवेदन नहीं कर सकते। इसके साथ ही, लाभार्थियों का चयन लॉटरी के जरिए किया जाएगा। योजना के लिए किसान का DBT में पंजीकृत होना अनिवार्य है। मधुमक्खियां न केवल शहद और मोम देती हैं, बल्कि फसलों की परागण प्रक्रिया में भी मदद करती हैं। इससे फल, सब्जी और तिलहन फसलों की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ती है। सरकार इस योजना के जरिए वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन सेवाओं को भी मजबूत कर रही है।
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इस पहल से न सिर्फ भूमिहीन किसानों की आय बढ़ रही है, बल्कि राज्य में कृषि और आर्थिक समृद्धि को भी बढ़ावा मिल रहा है। किसान अब मधुमक्खी पालन को अपनाकर घर-परिवार की आमदनी में इजाफा कर सकते हैं और साथ ही प्राकृतिक तरीके से फसल उत्पादन भी सुधार सकते हैं।