पटना: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव आये दिन हर मुद्दों पर मुखरता से अपनी बात रखते हैं और इस दौरान वह कभी सत्ता पक्ष की बड़ाई और विपक्ष की बुराई भी करते हैं तो अक्सर सरकार पर हमलावर भी दिखाई देते हैं। इसी कड़ी में बीते दिनों उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक संसद में गिरने के बाद सत्ता पक्ष पर जोरदार हमला बोला था। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वह महिलाओं की स्थिति पर बात करते हुए कुछ आपत्तिजनक बातें भी बोल गए। पूर्णिया सांसद के बयान का अब बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है और उन्हें नोटिस भेज कर स्पष्टीकरण माँगा है। महिला आयोग ने पप्पू यादव से उनके बयान के आधार पर लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की जाये पूछा है।
बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने पूर्णिया सांसद को नोटिस भेज लिखा है कि बीते दिनों राजनीतिक क्षेत्र में काम कर रही महिलाओं के प्रति आपके द्वारा घृणित बयान देने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। आपके बयान से राजनीतिक क्षेत्र में काम कर रही महिलाओं के आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। इस बयान का स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार राज्य महिला आयोग आपसे इस बयान का कारण जानना चाहता है। साथ ही आप यह भी बताएं कि इस बयान के आधार पर आपकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा लोकसभा अध्यक्ष से क्यों नहीं की जाये।
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बता दें कि बीते दिनों पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने महिला आरक्षण विधेयक संसद में गिरने के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए सत्ता पक्ष के नेताओं पर हमला कर रहे थे। इस दौरान वह कह रहे थे कि जो आज महिलाओं का हक़ और अधिकार की बात कर रहे हैं वह खुद क्या करते हैं। आज के समय में अधिकांश नेताओं के सीसीटीवी फूटेज वायरल हो रहा है। आज के समय में 90 प्रतिशत महिलाएं बिना नेता के कमरे में गए आगे नहीं बढ़ पाती हैं। यह दुर्भाग्य है देश का। नेता लोग सिर्फ औरतों को नोचने की फ़िराक में रहते हैं। अब पप्पू यादव के इस बयान को महिला आयोग ने संज्ञान में लिया है और नोटिस भेज कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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