NEET छात्रा मौत मामले में पूरी हो गई SIT की जांच? तत्कालीन थानाध्यक्ष से हुई घंटों पूछताछ...
पटना: राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में SIT अब किसी भी वक्त बड़ा खुलासा कर सकती है। घटना सामने आने के बाद पटना पुलिस की शुरुआती लापरवाही के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ हैवानियत की पुष्टि के बाद आनन फानन में SIT गठित की गई और जांच की गति काफी तेज कर दी गई। SIT की कई टीम ने इस मामले की लगातार छानबीन शुरू की और पटना से लेकर जहानाबाद तक दर्जनों लोगों से पूछताछ सैकड़ों सीसीटीवी फूटेज और अन्य टेक्निकल जांच के आधार पर अब निष्कर्ष के काफी करीब पहुंच चुकी है।
स्कूटी से पूछताछ में पहुंची पूर्व थानाध्यक्ष रौशनी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद FSL जांच में भी छात्रा के साथ हैवानियत की पुष्टि होने के बाद अब पुलिस ने 5 संदिग्धों को हिरासत में ली है। हालांकि अभी तक इस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस मामले में पूछताछ के लिए चित्रगुप्त नगर थाना की पूर्व थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी को भी SSP ऑफिस में पूछताछ के लिए बुलाया गया था जहां वह अपनी स्कूटी से पहुंची थी। SSP ऑफिस में SIT की टीम ने एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा और अन्य वरीय अधिकारियों के सामने घंटों पूछताछ की। इसके साथ ही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब SIT की जांच अंतिम दौर में है। सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि SIT ने 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है।
यह भी पढ़ें - कोर्ट परिसर में बड़ी घटना को अंजाम देने हथियार के साथ पहुंचा था बदमाश, SSP ने बताया पूरा मामला...
SIT की जांच अंतिम दौर में
सूत्रों की मानें तो पुलिस अब जल्द ही इस मामले का खुलासा कर सकती है। पुलिस सूत्रों की मानें तो SIT की जांच घटना के आरोपी के बिल्कुल नजदीक पहुंच चुकी है और अब इस मामले में कभी भी खुलासा किया जा सकता है। बता दें कि बीते 6 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जहानाबाद की एक नीट छात्रा संदिग्ध हालत में बेहोश मिली थी जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले में छात्रा की इलाज के दौरान से ही परिजन हैवानियत की आशंका जाहिर कर रहे थे लेकिन पुलिस और इलाज कर रहे डॉक्टरों की टीम ने इसकी पुष्टि नहीं की और जांच में भी पुलिस ने काफी लापरवाही बरती। 11 जनवरी को छात्रा की इलाज के दौरान मेदांता अस्पताल में मौत हो गई जिसके बाद परिजनों ने शव के साथ गांधी मैदान के समीप विरोध प्रदर्शन किया था।
मृतिका के परिजनों के विरोध प्रदर्शन के बाद मामले ने काफी तूल पकड़ ली और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस पर भी कई गंभीर सवाल उठने लगे। इसके बाद आनन फानन में डीजीपी ने एक SIT गठित की जिसका मॉनिटरिंग पटना के आईजी जितेंद्र राणा कर रहे हैं। SIT जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FSL जांच में छात्रा के साथ हैवानियत की पुष्टि होने के बाद कई लोगों के ब्लड सैंपल भी लिए गए थे। इस मामले ने राजनीतिक रूप भी लिया और एक तरफ विपक्ष लगातार सरकार और पुलिस पर हमले किये तो दूसरी तरफ उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले में सभी दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
यह भी पढ़ें - नीतीश कैबिनेट की बैठक में 32 योजनाओं पर लगी मुहर, शिक्षा-स्वास्थ्य समेत अन्य कई एजेंडे...
पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट