पटना: बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से चल हलचल के बीच मंगलवार और बुधवार को एक फैसले ने बिहार समेत देश भर के लोगों को काफी चौंका दिया था। हालांकि अब इस मामले से पर्दा उठने लगा है। दरअसल नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा, मुख्यमंत्री पद छोड़ना तथा नई सरकार के गठन के बीच चर्चाएँ तेज थी कि नई सरकार में उनके बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम का पद दिया जायेगा। लेकिन अचानक मंगलवार को खबर आई कि निशांत कुमार इसके लिए तैयार नहीं हैं और बुधवार को शपथ ग्रहण के दिन यह साफ भी हो गया कि निशांत कुमार उप मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अभी नहीं बैठेंगे।
निशांत कुमार के उप मुख्यमंत्री पद को स्वीकार नहीं करने पर जदयू की तरफ से वरिष्ठ नेता विजय चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को उप मुख्यमंत्री बनाया गया। अब उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आखिर निशांत ने शपथ क्यों नहीं ली। विजय चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद निशांत ने राजनीति में आना स्वीकार किया और वह लगातार सक्रिय भी हैं। वह हर दिन कुछ न कुछ एक्टिविटी कर रहे हैं और पार्टी की मजबूती पर उनका पूरा ध्यान है। इसके साथ ही निशांत कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि राजनीति में आने के साथ ही वह सत्ता की राजनीति में नहीं कूदना चाहते हैं।
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विजय चौधरी ने नई सरकार में निशांत की भूमिका को लेकर कहा कि उनके डिप्टी सीएम बनने के कयास मीडिया में चल रहे थे लेकिन वह पार्टी स्तर पर आधिकारिक रूप से नहीं था। पार्टी जरुर चाहती है कि निशांत हर तरह अपनी जिम्मेदारी बढाएं लेकिन वह खुद सीधे सत्ता में आने से बच रहे हैं। वह धीरे धीरे संगठन और जनता के बीच अपनी पकड़ बना रहे हैं और अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने के बाद ही सत्ता में आयेंगे। पार्टी स्तर से इस तरह की कोई औपचारिक जानकारी नहीं थी कि निशांत को उप मुख्यमंत्री बनाया जायेगा। उनका खुद का फैसला बताता है कि वह किसी जल्दीबाजी में नहीं हैं।
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