बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नालंदा में हुई घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है, बल्कि समाज की सोच और राजनीतिक संवेदनशीलता को भी कठघरे में ला खड़ा किया है। ऐसे माहौल में जन अधिकार पार्टी के नेता और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद के रूप में निर्वाचित पप्पू यादव की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसने पूरे मामले को और अधिक गरमा दिया है।
नालंदा में हुई घटना को लेकर पप्पू यादव ने बेहद कड़े शब्दों में अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, “यह सब छोटी घटना नहीं है, पूरा का पूरा मणिपुर की पुनरावृत्ति हुई है। समाज की स्थिति से मुझे दया आती है। समाज गंदी सोच के हो गए हैं। समाज में इस तरीके से 80-85% नशा और बेटी को बेटी न समझना, ये मेरे लिए बहुत दुखद बात है।” उन्होंने आगे कहा, “एक भी विधायक का वहां नहीं जाना, ये भी काफी दुखद बात है। एक औरत साहूकारों से अपने पति के पैसे मांगने जाती है, और शराब और नशे में धुत लोग उसके साथ गलत व्यवहार करते हैं। ये इतनी दुखद बात है, लेकिन कोई विधायक वहां नहीं गया।”
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पप्पू यादव ने राजनीतिक तंत्र पर हमला बोलते हुए कहा, “सत्ता के लिए पागलपन और हवस, ये लोग बेटी को भूल गए हैं।” उन्होंने हाल की अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “पटना में एक लड़की काम करने आई थी, टेंपो में सामूहिक बलात्कार किया गया। सहरसा में ईंट भट्ठे पर एक साल से छोटी-छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार। असम से आई मजदूर की बेटियों को नचाना और बलात्कार करना…”
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उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “जब बेटी कहीं भी सुरक्षित नहीं है—स्कूल में सुरक्षित नहीं, कॉलेज में सुरक्षित नहीं, गांव में सुरक्षित नहीं—और इस पर कोई चर्चा न हो, तो इससे बुरी बात क्या हो सकती है।” पप्पू यादव ने सरकार से मांग करते हुए कहा, “मैं सरकार से मांग करता हूं कि जिस थाने के अंदर बेटियों के साथ बलात्कार होता है, उसको सस्पेंड किया जाए…गुनाहगार को अभिलम्ब फांसी की सजा दी जाये ” बयान के बाद पप्पू यादव नालंदा के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे पीड़िता से मुलाकात करेंगे।