मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के बीच देश में प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्योगों पर भी असर पड़ने की आशंका है। तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 से 2.30 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। हालांकि राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके बावजूद प्रीमियम फ्यूल इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है।

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इसी के साथ इंडियन ऑयल कंपनी ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में भी बड़ा बदलाव किया है। इंडस्ट्रियल डीजल अब 87.57 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 109.59 रुपये प्रति लीटर हो गया है। यानी इसमें कुल 22.02 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह वृद्धि सीधे तौर पर उन उद्योगों को प्रभावित करेगी, जहां डीजल का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, जिसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ना स्वाभाविक है। आने वाले दिनों में अगर यही स्थिति बनी रहती है, तो ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसका सीधा असर परिवहन लागत, महंगाई और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे आम आदमी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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