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शेरो शायरी के साथ सदन में बैठ कर सरकार पर हमलावर रहे तेजस्वी यादव, कहा 'हम भी देंगे साथ अगर...'

tejashwi speech in session

पटना: बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो चुका है और बजट पेश किये जाने के बाद अब सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा जारी है। सदन के बजट सत्र के चौथे दिन विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर जम कर हमला किया। उन्होंने एक तरफ बिहार महिला अपराध और अन्य आपराधिक घटनाओं पर जहां सरकार को घेरा तो दूसरी तरफ नीतीश सरकार की योजनाओं को अपनी घोषणा का कॉपी बताया। विधानसभा चुनाव से पहले की तरह ही तेजस्वी यादव ने एक बार फिर नीतीश सरकार को उनकी योजनाओं की चोरी करने वाली सरकार बताया और जम कर हमला किया। इस दौरान तेजस्वी यादव ने कई शायरी भी की। तेजस्वी के भाषण समाप्त होने के बाद उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा उठ खड़े हुए और उन्होंने भी जोरदार जवाब दिया।

कम हैं फिर भी निडर हैं

सदन में बोलते हुए तेजस्वी यादव ने सबसे पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए कहा कि मैं पहली बार 2015 में सदन में चुन कर आया था और पिछले 11 वर्षों से अब तक राज्यपाल का अभिभाषण अब तक एक ही है। दो चार चीजों को छोड़ दिया जाए तो पिछले 11 वर्षों में एक ही अभिभाषण पढ़ा जा रहा है। लेकिन धरती पर बिहार की सच्चाई सब कोई जानते हैं। इस सरकार की दो पहचान है, एक झूठी वाहवाही और 100 प्रतिशत लापरवाही। पिछले चुनाव के बाद नई सरकार बनी और पूरा देश जानता है कि लोकतंत्र में लोक हारा है और तंत्र जीता है। जनतंत्र को इनलोगों ने धनतंत्र और मशीनतंत्र बना दिया है। जैसे तैसे ये लोग सरकार में आये हैं लेकिन हम कहना चाहते हैं कि 20 वर्षों से अधिक समय से आपकी सरकार है और कभी भी आपको बिहार के विकास में सहयोग चाहिए तो विपक्ष मजबूती के साथ खड़ा है। हमारी संख्या कम है फिर भी हम निडर हो कर सदन में जनता की आवाज उठाएंगे।

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पिछली सरकार में सारे काम हमारी सरकार में हुए

तेजस्वी ने कहा कि राज्यपाल के भाषण को हमलोगों ने सुना जिसमें कानून का राज और न्याय के साथ विकास की बात कही गई। तो न्याय के साथ विकास तो नहीं लेकिन अन्याय के साथ विनाश राज्य में जरुर है। आप देखिये राज्यपाल का भाषण हमारे पास है, हमलोगों का विजन, महागठबंधन की दो बार की सरकार आई, आप कोई भी पन्ना खोलिए और दूसरे पन्ने पर शिक्षक की बहाली और उस समय महागठबंधन की सरकार थी। दस लाख नौकरी देने का वादा किसका था, किसके सरकार में हुआ यह बिहार की जनता जानती है। सारा काम हमारे सरकार में हुआ। वही नीतीश कुमार जी हैं जो हमारे दस लाख नौकरी देने के वादे पर कहते थे कि कहाँ से पैसा लायेगा। हमने चुनाव में कहा कि पेंशन बढ़ाएंगे, दो सौ यूनिट मुफ्त बिजली देंगे, महिलाओं को मानदेय देंगे और आज साड़ी योजनाएं कॉपी कर ली गई। सारा काम जो हमलोगों ने कहा वही बात राज्यपाल ने भी कहा है।

बैठ कर बोले तेजस्वी

तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी कह रहे थे कि ताली पीटो, हम मन ही मन मुस्कुरा रहे थे कि हमारी योजनाओं पर सत्ता पक्ष ताली बजा रही है। ये लोग महिला सम्मान की बात करते हैं और इनके उत्तराखंड के नेता कहते हैं कि 20-25 हजार में महिलाओं को खरीदा जाता है, महिलाएं बिकती हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष पर हमला करते हुए कहा कि आपलोगों ने लोकतंत्र को डरतंत्र बना दिया है। इस दौरान तेजस्वी ने विधानसभा अध्यक्ष से पैर में चोट होने की बात कहते हुए बैठ कर अपनी बात रखने की अनुमति मांगी और फिर बैठ गए और बिहार की आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस सरकार की नींद बेटियों की चीख से भी नहीं टूटती है। बिहार की हालत देख कर लगता है कि अपराधियों को विश्वास हो गया है कि यह सरकार उसका कुछ नहीं उखाड़ सकती है। इन लोगों ने डरतंत्र बना दिया है और बिहार में अपराधियों में डर नहीं बल्कि सरकार में शर्म भी नहीं है।

कोल्ड स्टोरेज बन गई है बिहार सरकार

तेजस्वी यादव ने पटना में नीट छात्रा मामला समेत कई अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कहाँ है कानून का राज लेकिन इन लोगों को फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि जंगलराज नहीं कहना नहीं तो जंगलराज को मानने वाले जानवर नाराज हो जायेंगे। सत्ता पक्ष के साथियों से कहना चाहता हूँ कि आइना जब भी उठाओ पहले खुद देखो फिर दिखाया करो। आलम है कि 'थाना खामोश है, प्रशासन बेहोश है और सरकार मदहोश है। जनता में इस सरकार के लिए अफ़सोस और आक्रोश है, बिहार सरकार कोल्ड स्टोरेज बन चुकी है और हर मामले को ठंडा करने मेलगी हुई है। हम लगातार एक बात सत्ता से पूछना चाहते हैं कि बिहार जब इतना विकास कर रहा है और आगे बढ़ रहा है तो बताइए बिहार किस चीज में नंबर 1 है। बिहार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के मामले में फिसड्डी है, भ्रष्टाचार, अपराध में अव्वल है। लोगों में अफरातफरी है, जिन लोगों का अपने वोट लिया उसी का घर तोड़ने में लगे हैं।

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बीच बीच में शायरी भी पढ़ते रहे तेजस्वी

तेजस्वी ने कहा कि बिहार का प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 से 12 सौ डॉलर है। अगर बिहार अलग देश होता तो सबसे गरीब होता। मंजूर नहीं था भाजपाइयों के शर्तों पर सुल्तान बनना, क्योंकि हम अपना जमीर और विचार नहीं बेचते भले ही फकीर बन जाएँ। सही वक्त पर करवा देंगे हदों का एहसास, कुछ तालाब खुद को समन्दर समझ बैठे हैं। जहां 1960 में बिहार खड़ा था आज भी वहीं खड़ा है। आपलोग कहते हैं विकास हो रहा है तो फिर सबसे फिसड्डी क्यों है। हमलोग कहना चाहते हैं कि हमलोग भी विकास के लिए खड़े हैं। जहां जरूरत पड़े, हमलोग साथ हैं। हम मुख्यमंत्री जी को कहते हैं कि बिहार तभी आगे बढ़ेगा जब इसे विशेष राज्य का दर्जा मिलेगा। हम सीएम साहब से आग्रह करते हैं कि डबल इंजन की सरकार है, डबल उप मुख्यमंत्री हैं, डबल सेंचुरी में विधायक हैं, डबल डिजिट में आपके सांसद हैं, अब आगे नहीं बढ़ाएंगे तो कब बढ़ाएंगे। आप डबल डिजिट में बिहार में राज कर रहे हैं फिर भी बिहार 5 दशक पीछे की स्थिति में ही है। चलिए हम मजबूती के साथ प्रधानमंत्री के साथ विशेष राज्य की मांग करते हैं।

85 प्रतिशत आरक्षण का बिल लाये सरकार

तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ये बात भूल जाते हैं, हम जिस बात का जिक्र करते थे आज वही किया जा रहा है। इसी सदन में कहे थे कि मुफ्त में बिजली नहीं देंगे लेकिन आज क्या मज़बूरी है कि 125 यूनिट बिजली दी जा रही है। मेरे पिता कहते हैं कि बाज बनो और उंची उड़ान भरो। जब तुम बाज बनोगे तो अन्य पक्षियाँ नीचे उड़ेंगे। रोक सकी है आंधियां कब इसकी परवाज उड़ता है बेख़ौफ़ हो आसमान में बाज। जब महागठबंधन की सरकार थी तब 65 प्रतिशत आरक्षण रखा था और अब उसका क्या हुआ। हमने कहा था 9वीं अनुसूची में डालिए लेकिन मामला कोर्ट में फंसा है। अब हम फिर कहेंगे कि नया बिल लाइए जिसमे 85 प्रतिशत आरक्षण दीजिये और हमलोग समर्थन करेंगे। लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं होती।

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ट्रम्प हो गये हैं देश के PM

तेजस्वी ने कहा कि हमलोग को लगता था कि मोदी जी प्रधानमंत्री हैं लेकिन अब लगने लगा है कि डोनाल्ड ट्रम्प देश के पीएम हैं। हर बात की घोषणा ट्रम्प करते हैं और प्रधानमंत्री कोई प्रतिक्रिया तक नहीं देते हैं। चुनाव के दौरान सभी लोग बड़ी घोषणाएं कर रहे थे, कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पटना से दिल्ली चलेगी और अब पश्चिम बंगाल में चुनाव है तो पहली ट्रेन कोलकाता से गोहाटी चलेगी। जहां चुनाव है वहां के लिए खजाना खोला जाता है। बिहार में चुनाव था तो मैथिली साडी पहन कर आई  थी अब तमिलनाडू में चुनाव है तो वहां की साड़ी पहन कर भाषण दे रही थी। ये केवल दिखावा है। तेजस्वी ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए इन लोगों ने क्या ताकत नहीं लगाई। चालीस हजार करोड़ रूपये से भी अधिक बांटे गए लेकिन इससे हमलोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता है। हम कहना चाहते हैं, मुसीबतों से निखरती है सख्शियत यारों, जो चट्टानों से न उलझे वह झरना किस काम का। सरकार प्रदेश वासियों से किये सारे वादे पूरे करें।

तेजस्वी ने कहा कि हम देखना चाहते हैं कि आप किस जिलों में क्या उद्योग लगाते हैं, एक करोड़ रोजगार देने की बात कही गई है तो बताएं कि किस क्षेत्र में क्या रोजगार देने जा रहे हैं। कम से कम ये बात सदन में बताया जाये। हमलोग देख रहे हैं कि बिहार की सरकार लोगों के लिए क्या कर रही है। हम सरकार से कहना चाहते हैं कि कथनी और करनी में अंतर मत रखिये। अगर पाने वादों को पूरा करियेगा तो हमारा साथ पाइयेगा और अगर अंतर होगा तो फिर हम आवाज उठाते रहेंगे। बिहार में अधिकारी किसी का फोन तक नहीं उठाते हैं और न ही सुनते हैं।

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