वैशाली जिले के हाजीपुर औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित सोना बिस्कुट फैक्ट्री में बुधवार की रात एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र के दादर गांव निवासी 35 वर्षीय चंदन पाठक के रूप में हुई। वह पिछले 9 साल से फैक्ट्री में काम कर रहे थे और उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। मृतक के साथियों का आरोप है कि चंदन करीब एक घंटे तक तड़पते रहे, लेकिन फैक्ट्री के गार्ड ने गेट खोलने से मना कर दिया। गार्ड ने कथित तौर पर कहा कि आधी रात को गेट खोलने का आदेश मालिक से नहीं मिला था। इस घटना से गुस्साए मजदूरों ने फैक्ट्री में तोड़फोड़ की और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
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सूचना मिलने पर हाजीपुर औद्योगिक थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। घटना के बाद फैक्ट्री के सभी गार्ड फरार हो गए। मजदूरों की संख्या करीब 500 थी, जो फैक्ट्री के पास हंगामा कर रहे थे। मजदूरों का कहना है कि फैक्ट्री में तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और बीड़ी का सेवन वर्जित है और पकड़े जाने पर जुर्माना लगाया जाता है। बावजूद इसके, यहां 5 से 7 हजार मजदूर काम करते हैं, लेकिन प्राथमिक चिकित्सा या किसी भी तरह की दवा की कोई व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर मजदूरों को बाहर जाकर इलाज कराना पड़ता है।
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मजदूरों के ठेकेदार नवल किशोर मिश्रा और फैक्ट्री मालिक भी घटना के बाद मजदूरों से मिलने नहीं आए। फैक्ट्री के कारीगर निहाल सिंह का कहना है कि मजदूरों से 8 घंटे की बजाय लगातार 72 घंटे काम लिया जाता है और न रुकने पर वेतन काट लिया जाता है। निहाल सिंह ने मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।