बिहार में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. मौसम विभाग ने आज यानि सोमवार को राज्य के 6 जिलों में बारिश और अंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दुरान तेज हवा, गरज - चमक के साथ बारिश और कहीं कहीं ओला गिरने की भी सम्भावना है. बिहार के 6 जिलों - भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर - में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवाएं चलने, गरज - चमक के साथ बारिश और कुछ जगहों पर ओले गिरने की सम्भावना जताई गई है.
वहीं, इन जिलों को छोड़कर राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। अधिकांश जगहों पर आसमान साफ रहेगा और तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। दिन के समय गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है, खासकर दोपहर में चलने वाली गर्म हवाएं मुश्किलें बढ़ाएंगी। रविवार रात खगड़िया और शेखपुरा में हल्की बारिश हुई, जबकि नालंदा में बादलों का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, हालांकि इसमें 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट भी संभव है।
आने वाले दिनों का मौसम अपडेट
मौसम विभाग का कहना है कि 6 और 7 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में मेघ गर्जन और तेज हवाओं का असर रहेगा। 8 अप्रैल को उत्तर, दक्षिण और पश्चिम बिहार के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। 9 अप्रैल तक मौसम सक्रिय रहेगा, जिसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने लगेगा।
क्यों बदल रहा है मौसम?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का असर है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से वातावरण में अस्थिरता बढ़ रही है। इसके साथ ही दिन में तेज धूप से जमीन गर्म होती है, जिससे ‘लोकल कंवेक्शन’ की प्रक्रिया तेज होती है और अचानक आंधी-बारिश जैसी स्थिति बनती है।
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गर्मी का असर और बढ़ी बीमारियां
मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच स्वास्थ्य पर भी असर दिखने लगा है। बिहार के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, बुखार और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, ओपीडी में आने वाले हर तीसरे मरीज में सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। पटना के अस्पतालों में विशेष ‘लू वार्ड’ और आईसीयू बेड तैयार किए गए हैं। 102 एंबुलेंस सेवा को भी अलर्ट पर रखा गया है।
बच्चों के लिए खास सावधानी जरूरी
डॉक्टरों ने बच्चों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाएं, पर्याप्त पानी और ओआरएस दें, तेज धूप से बचाएं और हल्के कपड़े पहनाएं। खाली पेट सोने से बच्चों में शुगर लेवल गिर सकता है, जो गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
फिलहाल, बिहार में मौसम का यह बदलता मिजाज लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है। आने वाले दिनों में सतर्क रहना ही सबसे बेहतर उपाय माना जा रहा है।




