जहानाबाद जिले की एक होनहार छात्रा की संदिग्ध मौत ने न केवल स्थानीय समाज को झकझोर दिया है, बल्कि यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर बहस का विषय बन चुका है। पटना में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की असामयिक मौत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद उम्मीद की एक नई किरण जगी है।
रविवार की सुबह जब सीबीआई की टीम छात्रा के पैतृक गांव पतियावां पहुंची, तो पूरे इलाके में हलचल मच गई। कई गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे अधिकारियों ने सबसे पहले परिजनों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर होगी। टीम ने छात्रा के परिवार से घटना से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से जानकारी ली—उसकी पढ़ाई, रहन-सहन, हालिया व्यवहार, मानसिक स्थिति और किसी भी प्रकार के दबाव या विवाद की संभावना पर गंभीरता से चर्चा की गई।
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सीबीआई अधिकारियों ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की। साथ ही, स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई, दर्ज बयानों और एकत्र साक्ष्यों की समीक्षा कर जांच को आगे बढ़ाया गया। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल डेटा को भी खंगालना शुरू कर दिया है, ताकि किसी भी तथ्य को नजरअंदाज न किया जाए।
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यह मामला केवल एक छात्रा की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा के दबाव, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। समाज की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसी घटनाओं से सबक लिया जाए और भविष्य में किसी भी छात्र या छात्रा को इस तरह के हालात का सामना न करना पड़े। अब सभी की निगाहें सीबीआई की जांच पर टिकी हैं। उम्मीद है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के जरिए सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।