Join Us On WhatsApp

जिसका नाम वोटर लिस्ट से कटा, वही चेयरमैन कैसे बनी? उठे बड़े सवाल

त्रिवेणीगंज नगर परिषद की चेयरमैन संगीता कुमारी यादव पर RTI एक्टिविस्ट ने पहचान बदलकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी और जनप्रतिनिधि बनने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसे लेकर जांच की मांग की गई है।

How did someone whose name was struck from the voter list be
जिसका नाम वोटर लिस्ट से कटा, वही चेयरमैन कैसे बनी? उठे बड़े सवाल- फोटो : Darsh News

सुपौल: त्रिवेणीगंज नगर परिषद की चेयरमैन संगीता कुमारी यादव पर एक RTI एक्टिविस्ट ने फर्जी दस्तावेज के सहारे पहचान बदलने और सरकारी पद हासिल करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। भ्रष्टाचार मुक्त जागरूकता अभियान के संयोजक और RTI कार्यकर्ता सह जन सुराज नेता अनिल कुमार सिंह ने सुपौल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सामने कई दस्तावेज पेश करते हुए यह आरोप लगाए। अनिल सिंह का कहना है कि संगीता कुमारी यादव मूल रूप से नेपाल के सप्तरी जिला के इनरवा गांव की रहने वाली हैं। उनके अनुसार, नेपाल में उनका नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि अलग थी।

RTI एक्टिविस्ट का आरोप है कि शादी के बाद संगीता कुमारी यादव ने धीरे-धीरे नेपाल की पहचान छोड़कर भारत में नई पहचान बनानी शुरू की। आरोप है कि उन्होंने मधुबनी जिले की रहने वाली एक अन्य महिला के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का गलत इस्तेमाल किया, जिनमें मैट्रिक और इंटर के प्रमाण पत्र शामिल हैं। इन दस्तावेजों में उनकी जन्मतिथि अलग बताई गई है।

यह भी पढ़ें: सिमराही में बिस्कुट गोदाम में चोरी, लाखों का स्टॉक गायब

अनिल सिंह का कहना है कि इन्हीं कथित फर्जी कागजात के आधार पर वर्ष 2014 में संगीता कुमारी यादव को त्रिवेणीगंज प्रखंड के एक प्राथमिक विद्यालय में पंचायत शिक्षक की नौकरी मिल गई। आरोप है कि उन्होंने करीब सात साल से अधिक समय तक सरकारी वेतन भी लिया। वर्ष 2022 में नगर परिषद का चुनाव लड़ने से पहले उन्होंने शिक्षक पद से इस्तीफा दे दिया।

यह भी पढ़ें: नर्सिंग होम का काला सच? हाजीपुर में नवजात शिशुओं के शव मिलने से सनसनी

यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने पति का नाम पिता के रूप में दिखाकर जाति प्रमाण पत्र बनवाया। इसके अलावा, भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के दौरान मतदाता सूची से उनका नाम हटाए जाने की भी बात कही गई है। RTI एक्टिविस्ट ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इन सभी आरोपों पर त्रिवेणीगंज नगर परिषद की चेयरमैन संगीता कुमारी यादव ने कहा है कि लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

सुपौल से अमरेश कुमार की रिपोर्ट।


Scan and join

darsh news whats app qr
Join Us On WhatsApp