पटना: आय से अधिक संपत्ति मामले में किशनगंज के निलंबित थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन की मुश्किलें अब बढ़ने लगी है। EOU ने बुधवार को उन्हें पूछताछ के लिए पटना स्थित कार्यालय में बुलाया जहां कई घंटे तक सवाल-जवाब जारी रहा। EOU यह पता लगाने की कोशिश में है कि नौकरी करते हुए अवैध कमाई का कोई गिरोह है और इनके गिरोह में और कौन कौन शामिल हैं। जानकारी के अनुसार EOU की टीम ने करीब 50 से अधिक सवालों की सूची बना कर रखी थी जिसका जवाब इंस्पेक्टर अभिषेक रंजन से चाहिए।
किशनगंज के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन सुबह करीब 11 बजे के आसपास EOU के कार्यालय पहुंचे। बता दें कि उनके ऊपर आय से 118 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। बीते दिनों उनके पांच ठिकानों पर छापेमारी के दौरान EOU को करीब 50 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित करने का साक्ष्य मिला है जिसके बाद उनके विरुद्ध जांच तेज कर दी गई। आय से अधिक संपत्ति अर्जित किये जाने की पुष्टि होने के बाद उन्हें पहले लाइन हाजिर किया गया और फिर निलंबित कर दिया गया।
पुलिस अधिकारी अभिषेक रंजन के ठिकानों पर छापेमारी में EOU को पता चला था कि उन्होंने पटना, छपरा, सिलीगुड़ी और मुजफ्फरपुर में कई जगहों पर जमीन और मकान बना चुके हैं। साथ ही उनके पास करोड़ों के अन्य संपत्ति भी हैं। इस दौरान यह भी खुलासा हुआ कि वह किशनगंज के डीएसपी गौतम के सहयोगी भी रहे हैं और काली कमाई में भी दोनों एक दूसरे का सहयोग करते थे। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इंस्पेक्टर अभिषेक रंजन का स्थानीय बालू माफिया, शराब माफिया, तस्करों और अन्य अपराधियों से गहरे संबंध थे और उसके माध्यम से ही वे अवैध कमाई कर अकूत संपत्ति बना रहे थे।
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