पटना: बिहार में लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और रोड निर्माण पर खास ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में सड़कों तथा पुलों का जाल बिछाया जा रहा है जिससे एक जगह से दूसरे जगह जाने में समय की काफी बचत होने वाली है। बिहार सरकार की एक और महत्वाकांक्षी परियोजना बख्तियारपुर ताजपुर फोरलेन प्रोजेक्ट बहुत ही जल्द पूरा होने जा रहा है। अब तक इस परियोजना का लगभग 65 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है और इसकी प्रगति संतोषजनक बताई जा रही है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इस सड़क का निर्माण कार्य इस वर्ष दिसम्बर तक पूरा कर लिया जायेगा जबकि गंगा नदी पर पुल बन जाने के बाद लोगों के आवागमन के लिए यह सड़क जून से खोल दी जाएगी।

करीब 3929 करोड़ रूपये की लगत से बन रही यह प्रोजेक्ट बिहार के लिए लाइफलाइन साबित होने वाली है। इंजीनियरों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पुल के सभी 44 पिलर तैयार कर लिए हैं और अब पिलर के ऊपर सेगमेंट रखने का काम जारी है। इसके साथ ही बख्तियारपुर और समस्तीपुर दोनों तरफ से काम जारी है जिसकी प्रगति संतोषजनक है। यह मार्ग बख्तियारपुर में एनएच 31 से शुरू कर समस्तीपुर के ताजपुर में एनएच 28 को कनेक्ट करेगा, जिससे गांधी सेतु और राजेंद्र पुल पर वाहनों का दबाव कम होगा और उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार की यात्रा भी सुगम होगी। इसके साथ ही यह मार्ग व्यवसायिक दृष्टिकोण से भी नेपाल तथा झारखंड के साथ बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

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इस सड़क के बन जाने से मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, समस्तीपुर के साथ ही नालंदा, गया और नवादा समेत झारखंड तक आवागमन में काफी सहूलियत होगी। इस रूट से चलने वाले लोगों को पटना आने या बेगूसराय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि वे सीधे बीचोबीच निकल सकेंगे जिससे न सिर्फ यात्रा की दूरी कम होगी बल्कि समय का भी बचत होगा। इस मार्ग को आर्थिक विकास का नया कॉरिडोर भी कहा जा रहा है जो मिथिलांचल को सीधे मगध से जोड़ेगा।

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