पटना: राजधानी पटना में स्थित भीखमदास ठाकुरबाड़ी के महंत की मुश्किलें अब बढ़ने लगी हैं वहीं ठाकुरबाड़ी में स्थित दुकानदारों में संतोष का माहौल दिख रहा है। पहले बिहार राज्य न्यास पर्षद ने दुकानदारों की शिकायत पर ठाकुरबाड़ी कमिटी को भंग कर दिया और कमिटी की कमान जिलाधिकारी को सौंप दी। अब इस मामले के बाद जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एस एम ने ठाकुरबाड़ी का निरीक्षण किया। उस दौरान उन्होंने अपर समाहर्ता राजस्व, भूमि सुधार उप समाहर्ता तथा अंचलाधिकारी को ठाकुरबाड़ी की सभी चल अचल सम्पत्ति का ब्यौरा तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

डीएम ने जांच पूरी होने तक ठाकुरबाड़ी के सभी खातों में किसी भी तरह के लेनदेन पर भी रोक लगा दी है। अपर समाहर्ता को डीएम ने ठाकुरबाड़ी की सभी संपत्ति, दुकान तथा अन्य आय व्यय का लेखा जोखा तैयार करने का निर्देश दिया है। बता दें कि ठाकुरबाड़ी परिसर में स्थित दुकानों के संचालकों ने महंत पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दुकानदारों ने महंत पर करोड़ों रुपए का गबन और दुकानदारों को प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। ठाकुरबाड़ी के महंत यहां भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और कई जगहों पर मठ की जमीन समेत अन्य संपत्ति बेच कर अपने नाम से करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली है। दुकानदार और स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मंदिर काफी पुरानी है और यहां सबकुछ अच्छा चल रहा था लेकिन वर्तमान मठाधीश जब से आये हैं तब से बर्बादी शुरू हो गई है। लोगों ने कहा कि भ्रष्टाचार की आड़ में वह दुकानदारों को भी प्रताड़ित करने लगे और विभिन्न तरीकों से मुकदमों में भी फंसाने लगे हैं।
पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट




