पटना: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग एवं शैक्षणिक नवाचार क्षेत्र में कार्यरत संस्था एक्स्ट्रा-सी के बीच बुधवार को पटना स्थित मदन मोहन सभागार में एक विशेष समझौता ज्ञापन (MOU) हस्ताक्षर समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राथमिक शिक्षा के निदेशक विक्रम विरकर ने सभी अतिथियों एवं पदाधिकारियों के स्वागत के साथ किया।

एक्स्ट्रा-सी के प्रमुख अमिताभ रंजन ने इस अवसर पर बताया कि संस्था द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर क्रॉसवर्ड आधारित शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किये जाते हैं, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को क्रॉसवर्ड को एक प्रभावी लर्निंग टूल के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह संस्था CBSE एवं AICTE जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से विद्यार्थियों की शब्दावली, तार्किक क्षमता एवं समस्या-समाधान कौशल को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी राजेन्दर ने अपने कहा कि यह समझौता ज्ञापन बिहार के विद्यालयी बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान करेगा। उन्होंने इस पहल को राज्य की शिक्षा व्यवस्था में नवाचार की दिशा में एक सार्थक कदम बताया।

यह भी पढ़ें     -    अमंगल दोष से ग्रसित बिहार का स्वास्थ्य विभाग, तेजस्वी ने कहा 'अस्पताल की भवनें सुविधा के लिए नहीं बल्कि बनाये जाते हैं कमीशन के लिए'

वहीं शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि डिजिटल युग एवं कृत्रिम मेधा (AI) के इस दौर में शिक्षा को तकनीक से जोड़ना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि एक्स्ट्रा-सी जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और इनके माध्यम से प्रौद्योगिकी एवं अध्ययन के बीच एक स्वस्थ संतुलन स्थापित किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री ने यह भी घोषणा की कि इस MOU के सुचारु क्रियान्वयन हेतु विभाग की ओर से एक नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में 7.60 लाख से अधिक विद्यालय हैं और विभाग बालिका शिक्षा पर विशेष बल देते हुए इस पहल में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।

बिहार के बच्चों को मिलेगा क्रॉसवर्ड आधारित शिक्षा, मंत्री सुनील कुमार के समक्ष MOU साइन

इस पहल के अंतर्गत बिहार के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ एवं शिक्षक मुख्य लाभार्थी होंगे। शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे क्रॉसवर्ड आधारित शिक्षण पद्धति को प्रभावी रूप से कक्षा-शिक्षण में समाहित कर सकें। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के समग्र बौद्धिक एवं शैक्षणिक विकास में उल्लेखनीय योगदान करेगी। कार्यक्रम के समापन पर प्राथमिक शिक्षा के निदेशक ने सभी अतिथियों एवं पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा विभाग में हो रहे नवाचारों के प्रति शिक्षा मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन की सराहना की।

यह भी पढ़ें     -    ट्रैफिक पुलिसकर्मी को नहीं दिया गैस सिलिंडर तो एजेंसी की गाड़ियों का कर दिया चालान, कर्मियों ने किया सड़क जाम

YouTube Video